Almora Bus Accident
Almora Bus Accident: उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के अंतर्गत सीलापानी के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक 7 लोगों के मारे जाने की दुखद सूचना प्राप्त हुई है। दुर्घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए मौके पर दौड़ पड़े। पहाड़ी ढलानों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अपनी सामान्य गति से जा रही थी कि अचानक सीलापानी के तीखे मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया। बस सड़क किनारे की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। खाई इतनी गहरी थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और वह मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार होने की आशंका भी जताई जा रही है।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुँच गई हैं। गहरी खाई और झाड़ियों की वजह से फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। अब तक 7 शवों को बरामद किया जा चुका है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम की मदद से खाई से निकालकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और भिकियासैंण के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को उच्च केंद्र रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
इस भीषण सड़क हादसे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं। अक्सर पहाड़ों में होने वाले इन हादसों के पीछे खराब सड़कें, कोहरा या ओवरलोडिंग जैसे कारण सामने आते हैं। प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
अल्मोड़ा और आसपास के पहाड़ी जिलों में लगातार हो रहे सड़क हादसे गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीलापानी और भिकियासैंण के बीच कई ऐसे ‘ब्लैक स्पॉट’ हैं जहाँ सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं। सड़कों के किनारों पर मजबूत क्रैश बैरियर न होना और मोड़ों पर संकेतकों का अभाव हादसों को दावत देता है। इस घटना के बाद एक बार फिर परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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