Ambikapur News:
Ambikapur News: अंबिकापुर शहर में बेसहारा और बीमार पशुओं के लिए समर्पित ‘अंबिकापुर डॉग संस्था’ के प्रयासों को अब प्रशासनिक मजबूती मिलने जा रही है। संस्था के सदस्यों ने हाल ही में सरगुजा के नवनियुक्त कलेक्टर अजीत बसंत से सौजन्य मुलाकात की। यह बैठक केवल एक औपचारिक परिचय तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शहर के पशु कल्याण की वर्तमान स्थिति और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से मंथन किया गया। कलेक्टर ने संस्था के निस्वार्थ कार्यों की सराहना करते हुए विश्वास दिलाया कि बेजुबानों की सुरक्षा और उनके उपचार के लिए प्रशासन हर कदम पर साथ खड़ा है।
मुलाकात के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को अपने छह वर्षों के लंबे संघर्ष और उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अब तक 10,000 से अधिक स्ट्रीट डॉग्स और अन्य बेसहारा पशुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश पशु सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए थे या गंभीर संक्रमण और बीमारियों से जूझ रहे थे। संस्था की टीम ने सीमित संसाधनों और बिना किसी सरकारी वित्तीय सहायता के इन बेजुबानों को न केवल नया जीवन दिया, बल्कि उनके निःशुल्क उपचार और रहने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की।
संस्था ने कलेक्टर के समक्ष अपनी सबसे बड़ी चुनौती पेश की—एक स्थायी और व्यवस्थित डॉग शेल्टर का अभाव। वर्तमान में, रेस्क्यू किए गए घायल पशुओं को रखने और उनके लंबे समय तक चलने वाले उपचार के लिए एक बड़ी जगह की दरकार है। संस्था ने एक अत्याधुनिक डॉग शेल्टर के निर्माण का प्रस्ताव रखा, जहाँ पशुओं को ऑपरेशन, रिकवरी और सुरक्षित वातावरण मिल सके। पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि एक समर्पित शेल्टर होने से शहर में आवारा पशुओं की समस्या का प्रबंधन भी अधिक वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से किया जा सकेगा।
कलेक्टर अजीत बसंत ने संस्था की रिपोर्ट देखने के बाद उनके जज्बे की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बेजुबान पशुओं की सेवा करना एक महान मानवीय कार्य है और यह हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन डॉग शेल्टर के लिए भूमि आवंटन और निर्माण की संभावनाओं को गंभीरता से तलाशेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और शासन के संयुक्त प्रयासों से एक ऐसा मॉडल तैयार किया जा सकता है, जो पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बने।
प्रशासन के सकारात्मक रुख से संस्था के स्वयंसेवकों में नया उत्साह देखा जा रहा है। मुलाकात के अंत में संस्था ने कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया। सदस्यों का कहना है कि प्रशासन के सहयोग से अब वे और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकेंगे। इस पहल से अंबिकापुर के नागरिकों को भी उम्मीद है कि आने वाले समय में सड़कों पर घायल घूमने वाले पशुओं को उचित उपचार और सम्मानजनक आश्रय मिलेगा, जिससे शहर की व्यवस्था और पशु कल्याण दोनों में सुधार होगा।
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