Amazon Hiring Ban
Amazon Hiring Ban: दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और टेक कंपनियों में से एक, अमेजन (Amazon) ने अपनी रोजगार नीति में एक क्रांतिकारी और सुरक्षात्मक बदलाव किया है। वर्तमान में लगभग 1.6 मिलियन (16 लाख) वैश्विक कर्मचारियों वाली इस कंपनी ने घोषणा की है कि अब उत्तर कोरिया (North Korea) का कोई भी व्यक्ति अमेजन में नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। यह फैसला किसी सामान्य कूटनीतिक विवाद के कारण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक गहरी साजिश के मद्देनजर लिया गया है। अमेजन ने इस एशियाई देश को अपनी भर्ती प्रक्रिया से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है।
अमेजन के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, स्टीफन श्मित ने हाल ही में लिंक्डइन पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल के दौरान अमेजन में उत्तर कोरिया से आने वाले जॉब एप्लिकेशन में अचानक 33 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि तानाशाह किम जोंग उन के नेतृत्व वाले इस देश के लोग बड़ी संख्या में अमेरिकी कंपनियों, विशेषकर आईटी और टेक सेक्टर में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं। ये आवेदक ‘वर्क फ्रॉम होम’ यानी रिमोट जॉब्स को अपना मुख्य हथियार बना रहे हैं।
अमेजन की जांच में यह बात सामने आई है कि उत्तर कोरियाई हैकर्स केवल नौकरी पाने के इच्छुक युवा नहीं हैं, बल्कि वे प्रशिक्षित जासूस और साइबर अपराधी हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये हैकर्स रिमोट आईटी वर्कर का स्वांग रचकर अमेरिकी कंपनियों के सर्वर और संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। एक बार सिस्टम के अंदर घुसने के बाद, ये ‘कर्मचारी’ कंपनी की गोपनीय जानकारी चुरा सकते हैं या फिर कंपनी के फंड्स में सेंध लगा सकते हैं। अमेजन का मानना है कि यह समस्या केवल उनके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री इसकी चपेट में है।
उत्तर कोरियाई हैकर्स कंपनियों को धोखा देने के लिए बेहद जटिल और आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे चोरी की गई या नकली पहचान (Identity Theft) का सहारा लेते हैं। इसके अलावा, वे ‘लैपटॉप फार्म’ (Laptop Farm) तकनीक का उपयोग करते हैं। इसका अर्थ है कि ये लोग अमेरिका के भीतर ही कुछ कंप्यूटर सेट करते हैं जिन्हें उत्तर कोरिया से रिमोटली कंट्रोल किया जाता है। इससे कंपनियों को यह भ्रम रहता है कि उनका कर्मचारी अमेरिका के भीतर ही बैठकर काम कर रहा है, जबकि असलियत में वह किसी प्रतिबंधित देश से सिस्टम ऑपरेट कर रहा होता है।
अमेजन ने अपनी सुरक्षा प्रणाली को इतना मजबूत किया है कि उन्होंने अब तक 1800 से अधिक संदिग्ध उत्तर कोरियाई आवेदकों को ब्लॉक कर दिया है। स्टीफन श्मित ने कुछ ऐसे संकेतों के बारे में भी बताया है जिनसे कंपनियों को सावधान रहना चाहिए। इनमें गलत फॉर्मेट वाले फोन नंबर, संदिग्ध शैक्षणिक डिग्री या क्रेडेंशियल और ऐसी पृष्ठभूमि शामिल है जिसकी पुष्टि करना कठिन हो। अमेजन ने अन्य वैश्विक कंपनियों से भी आग्रह किया है कि वे अपनी भर्ती प्रक्रिया में अतिरिक्त सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को दें।
अमेजन का यह कदम दर्शाता है कि वर्तमान दौर में साइबर सुरक्षा केवल फायरवॉल और एंटीवायरस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भर्ती प्रक्रिया (Recruitment) का भी एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है। उत्तर कोरिया जैसे देशों पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद, वहां के हैकर्स वित्तीय लाभ कमाने और जासूसी के लिए अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बना रहे हैं। अमेजन के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य बड़ी कंपनियां भी अपनी एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी की समीक्षा करेंगी ताकि इस तरह की डिजिटल घुसपैठ को समय रहते रोका जा सके।
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