Ambikapur FIRE Incident
Ambikapur fire incident : अंबिकापुर के पॉश क्षेत्र राममंदिर रोड स्थित मुकेश पटाखा एवं प्लास्टिक दुकान में 23 अप्रैल को हुए भयावह अग्निकांड के तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नगर निगम द्वारा जारी जर्जर भवन को 24 घंटे के भीतर तोड़ने का आदेश अब तक धरातल पर लागू नहीं हो सका है। चार मंजिला क्षतिग्रस्त भवन आज भी मौत बनकर खड़ा है और बदलते मौसम, तेज आंधी तथा बारिश के बीच इसके कभी भी भरभराकर गिरने की आशंका बनी हुई है। भवन के ऊपर लगे टीन शेड भी आसपास के रहवासियों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोग लगातार दहशत में जीवन जी रहे हैं, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है।
घटना के दो-तीन दिन बाद 26 अप्रैल रविवार को नगर निगम ने विशेष आदेश जारी कर भवन को खतरनाक घोषित करते हुए 24 घंटे में ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए थे, किंतु आज तीन सप्ताह बाद भी न भवन हटाया गया, न ही क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इससे नगर निगम और प्रशासन की भूमिका पर पक्षपात तथा विशेष संरक्षण के आरोप और गहरे हो रहे हैं।
दूसरी ओर, इस भीषण अग्निकांड के मुख्य आरोपी पटाखा व्यवसायी मुकेश अग्रवाल और उसका साला प्रवीण अग्रवाल अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। जिला न्यायालय द्वारा प्रवीण अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बावजूद दोनों पर खुलेआम साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित करने में लगे होने के आरोप हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों, स्थानीय चर्चाओं और सोशल मीडिया में वायरल जानकारियों के अनुसार कई लोगों को जरूरत के अनुसार प्रलोभन या धमकी देकर ऐसे शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, जिनमें दुकान में पटाखा न होने और शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात लिखी गई है। यह घटनाक्रम पूरे मामले को कमजोर करने और विस्फोटक भंडारण के तथ्य को दबाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
ज्ञात हो कि 23 अप्रैल को दोपहर लगभग 12 बजे राममंदिर रोड स्थित मुकेश पटाखा एवं प्लास्टिक दुकान में आग लगी थी। प्लास्टिक दुकान की आड़ में वहां बड़े पैमाने पर पटाखों और बारूद का भंडारण किया गया था। दुकान सह गोदाम की चौथी मंजिल पर लिफ्ट में वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी वहां रखे थर्मोकोल डिस्पोजेबल सामग्री पर गिरी, जिससे आग भड़क उठी।
पटाखा और विस्फोटक सामग्री के भंडार के खुलासे के भय से संचालकों ने लगभग 45 मिनट तक स्वयं आग बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान वेल्डिंग कार्य के लिए लाए गए सिलेंडर में विस्फोट हुआ, जिससे भवन का हिस्सा ढह गया। इसके बाद दोपहर 12:53 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
यह हादसा अंबिकापुर के इतिहास का सबसे बड़ा अग्निकांड साबित हुआ। हालांकि सौभाग्यवश जनहानि नहीं हुई, लेकिन दुकान सह गोदाम पूरी तरह जलकर खाक हो गया, चार मंजिला भवन का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया, आसपास के पांच से अधिक मकानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ और आग की लपटें एक सप्ताह तक रह-रहकर उठती रहीं।
घटना के बाद प्रशासन की भूमिका शुरू से ही संदेहास्पद रही। घटनास्थल पर पहुंचे राज्य सरकार के मंत्री और स्थानीय विधायक Rajesh Agrawal ने सीधे तौर पर दुकान में पटाखा भंडारण से इनकार कर सरकार और प्रशासन की मंशा के संकेत दे दिए थे। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने बेहद मामूली धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले को हल्का करने की कोशिश की। बाद में सरगुजा आईजी के कड़े रुख के बाद विस्फोटक अधिनियम तथा लापरवाहीपूर्वक आग लगाकर जनजीवन खतरे में डालने जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी गईं, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
सबसे बड़ा प्रश्न अब यही है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?एक ओर जर्जर भवन स्थानीय नागरिकों की जान पर खतरा बना है, दूसरी ओर मुख्य आरोपी कानून से दूर रहकर पूरे मामले को प्रभावित करने में लगे हैं। ऐसे में प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।
Read More : UAE Drone Attack : यूएई में फिर भीषण ड्रोन हमला, बराकाह न्यूक्लियर प्लांट के पास आग लगी
Cockroach Strength : साल 2008 में आई हॉलीवुड की मशहूर एनिमेटेड फिल्म 'वॉल-ई' (Wall-E) में…
Alka Lamba Convicted : दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की…
Cockroach Janta Party : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकान्त के एक मौखिक बयान से…
Padma Awards : देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों को लेकर नई…
Khairagarh News : छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने…
IPL 2026 Controversy : क्रिकेट की दुनिया के दो दिग्गज खिलाड़ियों, भारत के रन-मशीन विराट…
This website uses cookies.