Ambikapur Flight : सोमवार की शाम अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में अचानक बदले मौसम ने हवाई यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। दिल्ली से बिलासपुर होते हुए अंबिकापुर के दरिमा एयरपोर्ट आने वाली विमान सेवा उस समय प्रभावित हो गई, जब खराब मौसम और तीव्र बिजली चमकने के कारण विमान लैंड नहीं कर सका। विमान ने दरिमा एयरपोर्ट के ऊपर कई चक्कर लगाए, लेकिन रनवे पर कम दृश्यता (Visibility) और सुरक्षा कारणों को देखते हुए पायलट ने जोखिम नहीं उठाया। अंततः, विमान को वापस बिलासपुर एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा, जिससे यात्रियों की यात्रा अधूरी रह गई।

समय में बदलाव और यात्रियों की बढ़ती कठिनाइयां
विमान का अंबिकापुर पहुंचने का निर्धारित समय आमतौर पर दोपहर का होता है, लेकिन सोमवार को उड़ान के समय में अप्रत्याशित बदलाव किया गया था। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, विमान को शाम करीब 4:30 बजे दरिमा एयरपोर्ट पर उतरना था। बिलासपुर से उड़ान भरने के बाद जब विमान अंबिकापुर के हवाई क्षेत्र में पहुँचा, तब वहां मूसलाधार बारिश और बिजली चमकने जैसी प्रतिकूल स्थितियां बनी हुई थीं। सुरक्षित लैंडिंग न हो पाने के कारण विमान को पुनः बिलासपुर भेज दिया गया, जहां से वह सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो गया। इस अचानक आए बदलाव ने यात्रियों की तैयारियों पर पानी फेर दिया।

दिल्ली जाने वाले 30 यात्री फंसे, यात्रा योजना हुई विफल
विमान के अंबिकापुर में लैंड न कर पाने का सीधा असर उन 30 यात्रियों पर पड़ा, जो दिल्ली जाने के लिए दरिमा एयरपोर्ट पर बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इन यात्रियों ने सीधे दिल्ली के लिए अपनी फ्लाइट बुक की थी, जिनमें कई ऐसे लोग शामिल थे जिन्हें जरूरी काम से राजधानी पहुँचना था। उड़ान रद होने से उनकी पूरी योजना बिगड़ गई और वे एयरपोर्ट पर ही फंस गए। इसी प्रकार, जो यात्री दिल्ली और बिलासपुर से अंबिकापुर आ रहे थे, उन्हें भी मजबूरी में बिलासपुर में ही उतरना पड़ा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्थिति को संभालते हुए यात्रियों को खराब मौसम के बारे में सूचित किया और उन्हें टिकट री-शेड्यूल करने या रिफंड प्राप्त करने का विकल्प दिया।
सुरक्षा सर्वोपरि: विमानन नियमों के अनुरूप पायलट का निर्णय
हवाई सेवा में खराब मौसम, विशेषकर बारिश के दौरान कम दृश्यता और लाइटनिंग (बिजली का चमकना) जैसी स्थितियों का सीधा प्रभाव पड़ता है। विमानन नियमों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम लेना वर्जित होता है। पायलट द्वारा लिया गया यह निर्णय नियमों के दायरे में था ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके। हालांकि यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन सुरक्षा के मानक से यह कदम अनिवार्य था। प्रशासन का कहना है कि मौसम के साफ होते ही उड़ान सेवाएं पुनः सामान्य हो जाएंगी।
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