Ambikapur News : स्वास्थ्य विभाग द्वारा अटैचमेंट व्यवस्था समाप्त किए जाने के बाद सरगुजा जिले के शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नवापारा की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। विभाग ने जिलेभर में अटैच रहे 69 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेज दिया है, जिनमें से सबसे अधिक प्रभावित नवापारा सीएचसी हुआ है। यहां से तीन डॉक्टरों सहित लगभग 20 कर्मचारियों को हटा दिया गया, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं डगमगा गई हैं।
नवापारा सीएचसी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। शासन द्वारा यहां चार विशेषज्ञ सहित कुल 9 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन अब तक इन पदों पर नियमित नियुक्ति नहीं हो सकी है। अटैचमेंट समाप्त होने के बाद यहां केवल तीन एमबीबीएस डॉक्टर शेष रह गए थे, जिनमें से एक का पीजी में प्रवेश हो गया है। ऐसे में वर्तमान में सिर्फ दो डॉक्टर ही मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध हैं, जबकि यहां प्रतिदिन औसतन 250 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाद जिले में सबसे अधिक मरीज इसी केंद्र में इलाज के लिए आते हैं।
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नवापारा सीएचसी में कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी सेंटर, दंत रोग विभाग, फिजियोथेरेपी सेंटर, और सिकल सेल यूनिट जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शुरू की गई थीं। हालांकि इन सेवाओं के लिए शासन से पद स्वीकृत नहीं थे, इसलिए स्थानीय स्तर पर अटैचमेंट के माध्यम से डॉक्टरों और कर्मचारियों की व्यवस्था की गई थी। अब टीकाकरण से जुड़े स्टाफ को भी उनके मूल स्थानों पर भेज दिया गया है, जिससे वैक्सीनेशन कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
सीएचसी में मेडिसिन, शिशु रोग, सर्जरी और अस्थिरोग विशेषज्ञों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन जिले के अधिकांश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की तरह यहां भी ये पद लंबे समय से रिक्त हैं। नवापारा में प्रसूति सेवाओं को सुचारू रखने के लिए अटैचमेंट पर एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती की गई थी, जिन्हें भी वापस भेज दिया गया है। गौरतलब है कि इस केंद्र में हर माह लगभग 200 प्रसव होते हैं, ऐसे में विशेषज्ञ के हटने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पीएस मार्को ने बताया कि जिले में अटैचमेंट पर कार्यरत 69 डॉक्टरों और कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नवापारा सीएचसी में कार्यभार अधिक होने के कारण यहां सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और नई पोस्टिंग होने तक वैक्सीनेशन सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में शासन से मार्गदर्शन लिया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय ने जहां प्रशासनिक दृष्टि से व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की कोशिश की है, वहीं नवापारा क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए चिंता की स्थिति भी उत्पन्न कर दी है। स्थानीय नागरिकों ने शीघ्र ही स्थायी डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।
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