मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए पैदल प्रशासन तक पहुंचने की नौबत आना गंभीर लापरवाही है और यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए पैदल प्रशासन तक पहुंचने की नौबत आना गंभीर लापरवाही है और यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

Ambikapur News : सरगुजा के शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं को अपनी समस्याएं बताने के लिए करीब 30 किलोमीटर पैदल कलेक्टोरेट की ओर निकलने की घटना ने अब शासन का ध्यान खींच लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर सीधे बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए पैदल प्रशासन तक पहुंचने की नौबत आना गंभीर लापरवाही है और यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।


मुख्यमंत्री ने विद्यालय में लंबे समय से बनी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि बिजली, पढ़ाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पहले से थीं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को जांच के बाद लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं द्वारा उठाई गई बिजली, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस और साफ-सफाई जैसी समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने को कहा है। साथ ही उन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं, जिससे छात्राओं की समस्याएं विद्यालय या छात्रावास स्तर पर ही सुनी जाएं और उनका समय पर समाधान हो।
मुख्यमंत्री ने आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की नियमित समीक्षा तथा अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी समस्या बताने के लिए प्रशासन तक खुद पहुंचने की स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को छात्राओं से लगातार संवाद बनाए रखने और विद्यालय में किए जा रहे सुधारों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संसाधन दे रही है। इनका लाभ बच्चों तक सही तरीके से पहुंचे, यह मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में रहने वाले बच्चे सरकार और प्रशासन पर भरोसा करके पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी छोटी से छोटी समस्या को संवेदनशीलता से सुनना और उसका समयबद्ध समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर, विकासखण्ड बतौली की छात्राओं द्वारा 07 सितम्बर 2026 को आयोजित पैदल मार्च की घटित घटना एवं विद्यालयीन समस्याओं की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर, सरगुजा की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है।
जांच के मद्देनजर विद्यालय के प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव को आगामी आदेश तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास अंबिकापुर में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। वहीं प्रतीक्षा त्रिपाठी, पीजीटी (अंग्रेजी) को कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर के प्राचार्य पद के दायित्वों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
अरविन्द अशोक तिग्गा, पीजीटी (हिन्दी) को उनके मूल पदस्थ संस्था एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मैनपाट के लिए कार्यमुक्त किया गया है। विद्यालय की छात्रावास अधीक्षक आयुषी सोनी को शासकीय कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है।
इसके साथ ही कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन का भुगतान अब कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बाद ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


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