Ambikapur News : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सीजन 15 नवंबर से शुरू होने जा रहा है, लेकिन पटवारियों की हड़ताल के कारण डिजिटल फसल सर्वे और गिरदावरी का काम अधूरा रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। दरिमा क्षेत्र में पंजीकृत किसानों की सूची चस्पा नहीं होने, पूर्व में धान बेच चुके किसानों का रकबा शून्य दिखाई देने और कुछ किसानों का पंजीयन नहीं हो पाने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन मुद्दों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दरिमा ने पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता और ब्लॉक अध्यक्ष नारद गुप्ता के नेतृत्व में सरगुजा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की है।
अधूरे सर्वे से किसानों को धान बेचने की चिंता
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दरिमा के अनुसार, डिजिटल फसल सर्वे अधूरा होने के कारण पंजीकृत किसानों के नामों की सूची चस्पा नहीं हो सकी है। इससे किसान निर्धारित समय के भीतर दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी कर पाने को लेकर असमंजस में हैं। वहीं, गिरदावरी में कई ऐसे किसानों का रकबा शून्य दिखाई दे रहा है, जो पहले भी धान का विक्रय कर चुके हैं।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पटवारियों की हड़ताल के चलते लगभग 2 से 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन नहीं हो पाने की समस्या भी सामने आ रही है। ऐसे में धान खरीदी शुरू होने पर इन किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी हो सकती है। कांग्रेस ने आशंका जताई कि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी प्रभावित हो सकती है।

सरकार से पटवारियों की मांगों का निराकरण करने की मांग
किसानों के साथ बैठक के बाद पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि दरिमा क्षेत्र के किसानों की तरह पूरे जिले में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। धान विक्रय को लेकर किसान असमंजस में हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति के पीछे पटवारियों की हड़ताल प्रमुख कारण है। सरकार को पटवारियों की मांगों पर तत्काल पहल कर समाधान निकालना चाहिए, ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें और किसानों को धान बेचने में राहत मिल सके।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने डिजिटल फसल सर्वे, गिरदावरी और पंजीयन से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने की मांग की है।

दरिमा को विकासखंड बनाने की मांग
किसानों की समस्याओं के साथ ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने दरिमा को विकासखंड घोषित करने की मांग भी उठाई है। इस संबंध में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने तर्क दिया कि दरिमा क्षेत्र में ब्लॉक स्तर के अधिकांश कार्यालय मौजूद हैं। सरगुजा का एकमात्र व्यावसायिक हवाई अड्डा मां महामाया एयरपोर्ट और घुनघुट्टा परियोजना भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं। वर्तमान अंबिकापुर ब्लॉक मुख्यालय से दरिमा की दूरी लगभग 18 किलोमीटर है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, दरिमा को विकासखंड का दर्जा मिलने से क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के अनुरूप योजनाएं बनाने और उनका क्रियान्वयन आसान हो सकेगा। इससे स्थानीय लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए अंबिकापुर पर निर्भरता भी कम करनी पड़ सकती है।
सहकारी बैंक की शाखा खोलने की भी मांग
दरिमा में सहकारी बैंक की शाखा खोलने की मांग को लेकर भी ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि पूर्व के आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र की चार सहकारी समितियों में 10 हजार से अधिक पंजीकृत किसान हैं। वर्तमान में इन किसानों को बैंकिंग लेनदेन के लिए अंबिकापुर शाखा पर निर्भर रहना पड़ता है।
अंबिकापुर मुख्य शाखा पर दरिमा क्षेत्र की चार समितियों के अलावा अंबिकापुर क्षेत्र की छह समितियों का भी भार है। कांग्रेस का कहना है कि दरिमा में सहकारी बैंक की शाखा खुलने से मुख्य शाखा का भार कम होगा और स्थानीय किसानों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने में सहूलियत मिलेगी।
ये लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान दरिमा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नारद गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य अनीमा केरकेट्टा, गुरुशरण सिंह, अजीत राम, अरुण गुप्ता, रामसाय मिंज, प्रमेंद्र सरजाल, संजीव कश्यप, रामप्रकाश, जयपाल यादव, नरेश नेटी, रविशंकर नायक, निलेश कश्यप, राकेश सोनी, सुनील किंडो, विकास सिंह, कमल सिंह, पारस राजवाड़े, उमाशंकर कुशवाहा, विनोद सिंह, कमल एक्का और मुनेश्वर बखला सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।

