Ambikapur Water Bill: सरगुजा के अंबिकापुर में सोमवार को नगर निगम की सामान्य सभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। महापौर मंजूषा भगत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहर से जुड़े कुल 17 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान नागरिक सुविधाओं, राजस्व, स्वच्छता और नगर निगम की व्यवस्थाओं से संबंधित कई प्रस्तावों पर विचार हुआ। चर्चा के बाद कुछ मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनका सीधा असर शहर के लोगों पर पड़ने वाला है।
बिना पानी सप्लाई के भेजे गए बिलों पर लिया फैसला
बैठक में शहर के कुछ उपभोक्ताओं से जुड़ी पानी के बिल की समस्या सामने आई। जानकारी के मुताबिक, कई ऐसे घरों में पानी की नियमित सप्लाई नहीं पहुंच रही थी, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं को लगातार जल कर के बिल भेजे जा रहे थे। लंबे समय तक बिल आने के कारण कुछ उपभोक्ताओं पर बकाया राशि बढ़कर 15 से 20 हजार रुपये तक पहुंच गई थी। इस मामले को लेकर लोगों की शिकायतें नगर निगम तक पहुंची थीं।
जांच में सामने आए आठ उपभोक्ताओं के मामले
महापौर मंजूषा भगत ने बताया कि शिकायतों की वास्तविकता जानने के लिए कमेटी के माध्यम से जांच कराई गई। जांच के दौरान शुरुआती तौर पर करीब 7 से 8 ऐसे उपभोक्ताओं के मामले सामने आए, जिनके घरों तक पानी की सप्लाई नहीं पहुंची थी, लेकिन उनके नाम पर जल बिल जारी होता रहा। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद नगर निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देने का निर्णय लिया है।
पात्र उपभोक्ताओं का जल बिल होगा माफ
बैठक में तय किया गया कि जांच में सही पाए गए ऐसे उपभोक्ताओं के पानी के बिल को माफ किया जाएगा। महापौर ने इस प्रस्ताव की जानकारी सदस्यों के सामने रखी, जिस पर बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने सहमति जताई। इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पानी की सुविधा मिले बिना ही हजारों रुपये के बिल का सामना करना पड़ रहा था।
पुरानी पानी टंकी बनेगी नगर निगम का जोनल कार्यालय
बैठक में शहर की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी फैसला लिया गया। महापौर ने बताया कि नगर निगम के पुराने केदारपुर पानी टंकी भवन का उपयोग अब जोनल कार्यालय के तौर पर किया जाएगा। इस कार्यालय के शुरू होने से आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को नगर निगम से जुड़े कामों के लिए मुख्य कार्यालय तक आने की जरूरत कम होगी।
संपत्ति और जल कर से जुड़े काम होंगे आसान
केदारपुर में प्रस्तावित जोनल कार्यालय में स्थानीय लोगों को संपत्ति कर, समेकित कर और जल कर सहित अन्य नगर निगम संबंधी सेवाओं की सुविधा मिल सकेगी। इससे नागरिकों का समय और आने-जाने का खर्च दोनों बचने की उम्मीद है। नगर निगम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ही अधिक से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए दूर न जाना पड़े।
दो सामुदायिक भवनों से निगम की बढ़ेगी आय
नगर निगम ने आय बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की। निर्णय के अनुसार बाबूपारा स्थित सामुदायिक भवन को विश्वविद्यालय को किराए पर दिया जाएगा, जबकि चांदमारी स्थित सामुदायिक भवन समाज कल्याण विभाग को किराए पर देने का प्रस्ताव है। दोनों भवनों के लिए नगर निगम को 1-1 लाख रुपये प्रतिमाह किराया प्राप्त होगा। इससे निकाय की नियमित आय में वृद्धि होगी।
स्वच्छता अभियान के लिए बनाए जाएंगे ब्रांड एंबेसडर
अंबिकापुर शहर में स्वच्छता को लेकर लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नगर निगम ने विशेष पहल करने का निर्णय लिया है। समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। ये लोग नागरिकों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करेंगे और शहर को स्वच्छ रखने के लिए लोगों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नुक्कड़ नाटक के जरिए भी चलेगा जागरूकता अभियान
नगर निगम की ओर से स्वच्छता का संदेश अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन माध्यमों के जरिए लोगों को कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक किया जाएगा। निगम का लक्ष्य स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान न रखकर नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी बनाना है।
सेप्टिक टैंक सफाई शुल्क में 500 रुपये की बढ़ोतरी
बैठक में सेप्टिक टैंक की सफाई से संबंधित शुल्क बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। नगर निगम ने मौजूदा शुल्क में 500 रुपये की वृद्धि करने पर सहमति जताई है। बताया गया कि कई वर्षों से इस शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की गई थी। लागत और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए शुल्क में संशोधन का फैसला लिया गया है।
मल्टीपरपज हॉल के शुल्क में भी होगा बदलाव
गांधी स्टेडियम परिसर स्थित मल्टीपरपज हॉल से जुड़े विद्युत और सफाई शुल्क में भी वृद्धि करने का निर्णय बैठक में लिया गया। नगर निगम के अनुसार इन सेवाओं पर होने वाले खर्च और लंबे समय से शुल्क में संशोधन नहीं होने को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। बैठक में लिए गए इन सभी निर्णयों का उद्देश्य नगर निगम की सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ आय और नागरिक सेवाओं की व्यवस्था को मजबूत करना है।
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