Amit Shah Attack: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान तेज़ हो गया है। शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह ने सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता सीता मंदिर की आधारशिला रखी और इस मौके को राजनीतिक मंच में तब्दील कर दिया। उन्होंने मंच से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि ये पार्टियां “बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती हैं”, जो बिहार के युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा, “राजद और कांग्रेस दोनों ही SIR (Special Intensive Revision) का विरोध इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें घुसपैठियों की चिंता है। वे अपने वोट बैंक के लिए बिहार की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं।” ‘बनिए का बेटा हूं, हिसाब करना आता है’ अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान एक बार फिर अपनी प्रसिद्ध पंक्ति दोहराई — “मैं बनिए का बेटा हूं, हर चीज का हिसाब रखता हूं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने बिहार को जो दिया है, उसका पूरा हिसाब उनके पास है और वह जनता के सामने आंकड़ों के साथ प्रस्तुत होंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 10 सालों में बिहार को बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में भारी लाभ हुआ है। “लालू यादव और उनकी पार्टी ने बिहार को जंगलराज में धकेला था, और अब फिर से उसी स्थिति में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।” माता सीता मंदिर के बहाने भावनात्मक जुड़ाव शाह ने माता सीता मंदिर के भूमि पूजन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह सिर्फ़ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि “बिहार की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक” है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार इस मंदिर को आयोध्या के राम मंदिर की तरह एक भव्य तीर्थस्थल के रूप में विकसित करेगी। गौरतलब है कि पुनौराधाम को माता सीता का जन्मस्थल माना जाता है, और शाह ने इस स्थल को रामायण सर्किट के एक अहम केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना का संकेत भी दिया। नीतीश कुमार की मौजूदगी और NDA की एकजुटता इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि एनडीए बिहार में एकजुट है और आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है। नीतीश और शाह की साझा उपस्थिति ने विपक्ष की उन अटकलों को भी कमजोर किया जो एनडीए में मतभेदों की बात कर रहे थे। शाह ने कहा कि बिहार में अगली सरकार “मजबूत और स्थिर एनडीए सरकार” ही होगी, जो विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देगी। राजद और कांग्रेस पर लगातार हमले अपने पूरे भाषण में शाह ने बार-बार राजद और कांग्रेस को “विकास विरोधी और भ्रष्टाचार समर्थक” बताया। उन्होंने कहा, “राजद के शासन में अपराध, अपहरण और भ्रष्टाचार चरम पर था। कांग्रेस के पास तो कोई एजेंडा ही नहीं है, वे सिर्फ़ सत्ता के पीछे भाग रहे हैं।” क्या है SIR और क्यों बना विवाद का विषय? SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की गहन समीक्षा की एक प्रक्रिया है, जिसमें फर्जी, डुप्लिकेट और मृत वोटरों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जाता है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के नाम पर एक खास वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अमित शाह और एनडीए इसे मतदाता सूची की शुद्धि का नाम दे रहे हैं। बिहार में चुनावी शंखनाद हो चुका है। माता सीता मंदिर के भूमि पूजन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए भाजपा सांस्कृतिक भावनाओं को राजनीतिक ताकत में बदलने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, राजद-कांग्रेस गठबंधन वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रियाओं में धांधली के आरोप लगाकर सत्ता पक्ष पर हमला कर रहा है। ऐसे में आने वाले हफ्ते बिहार की राजनीति में और गर्मी ला सकते हैं। Read More : Modi Cabinet decisions: मोदी कैबिनेट की बैठक में 5 बड़े फैसले: मिडिल क्लास को 30 हजार करोड़ की सब्सिडी, महिलाओं को रक्षाबंधन पर तोहफा
















