Amit Shah High Level Meeting: संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक महेश दीक्षित भी शामिल हुए। मंगलवार देर शाम हुई इस हाई लेवल मीटिंग को मौजूदा राजनीतिक और सुरक्षा परिस्थितियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से बैठक के एजेंडे या चर्चा के विषयों पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

राजनीतिक माहौल के बीच बढ़ी बैठक की अहमियत
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब संसद का मानसून सत्र जारी है और हाल के छात्र आंदोलनों को लेकर देश की राजनीति गर्म है। विशेष रूप से नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों ने सरकार पर लगातार दबाव बनाया है। इन घटनाओं के बाद विपक्ष केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रहा है। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने भी राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर चर्चा की अटकलें
हालांकि बैठक की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें संसद सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, देशभर से मिले खुफिया इनपुट, कानून-व्यवस्था की स्थिति और हाल के विरोध प्रदर्शनों को लेकर समीक्षा की गई होगी। सुरक्षा एजेंसियां संसद सत्र के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए लगातार सतर्क रहती हैं। ऐसे में गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी इस बैठक को और महत्वपूर्ण बनाती है।
जंतर-मंतर कार्रवाई को लेकर विपक्ष का हमला जारी
20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस ने कठोर व्यवहार किया और इस मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए।
गौरव गोगोई ने उठाए कई गंभीर सवाल
गौरव गोगोई ने संसद में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसे कदम उठाने के आदेश किस स्तर से दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संसद में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
पूर्व शिक्षा मंत्री पर भी साधा निशाना
बहस के दौरान गोगोई ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में कई छात्रों ने आत्महत्या की और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हुए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफे के बाद संसद परिसर में भाजपा सांसदों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत किए जाने पर विपक्ष ने आपत्ति जताई और इसे अनुचित बताया।
सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
गृह मंत्री की बैठक और विपक्ष के आरोपों के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और सरकार विपक्ष के आरोपों पर क्या रुख अपनाती है, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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