Amit Shah in Bengal: पश्चिम बंगाल के बीरभूम में सोमवार को चुनावी तपिश उस समय और बढ़ गई जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखे हमले करते हुए राज्य की सुरक्षा, भ्रष्टाचार और सामाजिक कानूनों को लेकर कई बड़े वादे किए। दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने भी पलटवार करते हुए खुद को केंद्र के खिलाफ अकेला योद्धा बताया।
बीरभूम की रैली में अमित शाह ने सबसे पहले महिला सुरक्षा के मुद्दे पर ममता बनर्जी को घेरा। उन्होंने कहा कि “ममता दीदी कहती हैं कि महिलाओं को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, उन्हें ऐसी बात कहते हुए शर्म आनी चाहिए।” शाह ने जनता को भरोसा दिलाया कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार आती है, तो सुरक्षा व्यवस्था को इतना चाक-चौबंद किया जाएगा कि राज्य की बच्चियां रात 1 बजे भी बिना किसी डर के घर से बाहर निकल सकेंगी। उन्होंने ममता सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ममता सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए गृह मंत्री ने कई घोटालों की लंबी सूची गिनाई। उन्होंने कैश फॉर क्वेरी, 26 हजार शिक्षकों की भर्ती में धांधली, गाय तस्करी और पीएम आवास योजना में कथित घोटालों का जिक्र किया। शाह ने दावा किया कि इन भ्रष्टाचारों के कारण बंगाल की जनता के लगभग 5000 करोड़ रुपए गायब हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता में आते ही भाजपा TMC के एक-एक नेता से जनता की पाई-पाई का हिसाब लेगी और भ्रष्टाचारियों को जेल के पीछे भेजा जाएगा।
अमित शाह ने बंगाल की राजनीति में ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) का कार्ड खेलते हुए एक बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही UCC लागू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “आज बंगाल में कुछ लोग चार-चार शादियां करते हैं, लेकिन हमारा कानून बनने के बाद यह संभव नहीं होगा।” शाह ने तर्क दिया कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म करने के लिए समान नागरिक संहिता जरूरी है। इस बयान को राज्य के ध्रुवीकरण की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए गृह मंत्री ने कहा कि TMC सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को फेंसिंग (बाड़ लगाने) के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण घुसपैठ को बढ़ावा दिया जा रहा है। शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर सीमावर्ती क्षेत्रों में BSF को जमीन आवंटित की जाएगी ताकि राज्य की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके और अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाई जा सके।
अमित शाह के हमलों के बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सूरी में एक चुनावी सभा के दौरान मोर्चा संभाला। उन्होंने भावुक कार्ड खेलते हुए कहा कि आज केंद्र सरकार और 19 राज्यों की ताकतें उनके खिलाफ एकजुट हो गई हैं। ममता ने कहा, “मुझ अकेले के खिलाफ ये सब साजिशें रची जा रही हैं, लेकिन मैं आम लोगों के हक के लिए अकेले ही लड़ती रहूंगी।” उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने और बंगाल की संस्कृति पर हमला करने का आरोप लगाया। बंगाल का यह चुनावी रण अब पूरी तरह से वर्चस्व की लड़ाई में बदल चुका है।
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