Amitabh Bachchan Birthday: ‘हरी पुत्र अतुलित बल धामा, तेजि पुत्र अमिताभ है नाम।’ बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के 83वें जन्मदिन पर कोलकाता में एक अनोखा और भव्य आयोजन हुआ, जहां उन्हें आध्यात्मिक और भक्ति के स्वरूप में सम्मानित किया गया। इस मौके पर उनके नाम से प्रेरित ‘अमिताभ चालिशा’ का विमोचन किया गया, जो हनुमान चालिसा और लक्ष्मी पांचाली की तरह एक मंत्रमुग्ध करने वाली पुस्तक है। इस पुस्तक के पन्नों में अमिताभ बच्चन की महिमा, भक्ति और उनके व्यक्तित्व की गहराई समाहित है।

कोलकाता में पूजा-अर्चना का विशेष आयोजन
शनिवार को बंडेल रोड स्थित अमिताभ बच्चन फैन क्लब में भव्य पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें धूप-दीप, चंदन, कच्चे फूल, पंच प्रदीप, तिलक और होम यज्ञ जैसे पारंपरिक अनुष्ठान शामिल थे। कोलकाता में काली पूजा तो दस दिन बाद है, लेकिन फैंस ने ‘बिग बी’ के जन्मदिन को विशेष रूप से पूजा और भक्ति के माध्यम से मनाया। इस फैन क्लब में अमिताभ बच्चन की मूर्ति भी स्थापित है, जिसके सामने पूजा के बाद प्रसाद अर्पित किया गया। फैन क्लब के सदस्यों ने बड़ी श्रद्धा और अनुशासन के साथ आयोजन को सफल बनाया।

अमिताभ बच्चन: सिनेमा के ‘ईश्वर’ के रूप में प्रतिष्ठित
अमिताभ बच्चन के 83वें जन्मदिन पर उनके फैंस ने उनके प्रति अपार श्रद्धा और भक्ति का परिचय दिया। पूजा में उपस्थित श्रद्धालु हाथ जोड़कर उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे। एक बुजुर्ग महिला ने नमस्कार करते हुए कहा, “भगवान, आप देखो।” यह सम्मान केवल एक अभिनेता के लिए नहीं, बल्कि उनके सामाजिक योगदान और जीवन मूल्यों के लिए है।
फैन क्लब के सचिव संजय पातोदिया ने बताया कि बच्चन जी ने न केवल फिल्मों में बल्कि समाज सेवा में भी अपना योगदान दिया है। जन्मदिन के अवसर पर 83 गरीब बच्चों को शिक्षा सामग्री वितरित की गई, जो अमिताभ बच्चन की समाज के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
अमिताभ बच्चन का जादू उम्र की सीमा पार
83वें जन्मदिन पर फैंस ने केक काटकर समारोह मनाया, जिसमें हर उम्र के लोग शामिल हुए। संजय पातोदिया के अनुसार, “1975 में ‘शोले’ देखने वाले बुजुर्ग, 2001 में ‘कभी खुशी कभी ग़म’ के दीवाने और आज के युवा ‘कल्कि’ देखने वाले सभी अमिताभ बच्चन के फैन हैं। दस साल के बच्चे से लेकर नव्वे के बुजुर्ग तक, सभी उनके मुरीद हैं।”
कोलकाता में ‘अमिताभ चालिशा’ का विमोचन
अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर ‘अमिताभ चालिशा’ के विमोचन के साथ पूजा का यह आयोजन उनकी लोकप्रियता और भक्ति भावना का प्रतीक है। यह न केवल उनकी फिल्मों के प्रति प्रेम को दर्शाता है, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सामाजिक योगदान और आध्यात्मिक छवि को भी सम्मानित करता है। अमिताभ बच्चन आज एक सुपरस्टार से बढ़कर एक प्रेरणादायक और पवित्र व्यक्तित्व के रूप में स्थापित हो चुके हैं।
कोलकाता में ‘अमिताभ चालिशा’ की पूजा और विमोचन ने साबित कर दिया है कि अमिताभ बच्चन के फैंस उन्हें केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक पवित्र और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में देखते हैं। उनकी लोकप्रियता उम्र की सीमाओं को पार कर समाज के हर वर्ग में गहराई से जुड़ी है।
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