Saranda IED Blast: झारखंड के चाईबासा जिले के सारंडा जंगल में माओवादियों द्वारा किए गए IED विस्फोट में CRPF के हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र लश्कर शहीद हो गए। यह दर्दनाक घटना शुक्रवार शाम पश्चिम सिंहभूम के सरायकेला थाना क्षेत्र में हुई। इस हमले में दो अन्य जवान भी घायल हुए हैं, जिनमें से एक झारखंड के खरसावां के विधायक दशरथ गागराई के भाई रामकृष्ण गागराई भी शामिल हैं, जो एएसआई के पद पर कार्यरत हैं।

घटना का विवरण
60 बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र लश्कर, जो असम के निवासी थे, इस आतंकवादी हमले में शहीद हुए। उनके पार्थिव शरीर को राउरकेला से रांची लाकर पोस्टमार्टम के बाद धुर्वा स्थित CRPF 133 बटालियन मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी गई। इस हमले में घायल हुए अन्य जवानों में CRPF 60 बटालियन के इंस्पेक्टर कौशल कुमार मिश्रा भी शामिल हैं।

नक्सलियों का प्रतिरोध सप्ताह और सुरक्षा चुनौतियां
माओवादियों ने 8 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक प्रतिरोध सप्ताह मनाने का एलान किया है, जबकि 15 अक्टूबर को एक दिन का बंद भी रखा जाएगा। इस संदर्भ में झारखंड पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। पुलिस महानिरीक्षक माइकल राज एस ने बताया कि सभी जिलों के एसपी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इस साल 2025 में झारखंड पुलिस ने अब तक 32 कुख्यात इनामी नक्सलियों को मार गिराया है और दर्जनों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अब केवल 80 से 85 नक्सली सक्रिय हैं, जिनमें से अधिकतर पश्चिम सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में हैं।
पुलिस की रणनीति और सुरक्षा कड़ी
झारखंड पुलिस ने माओवादी नक्सलियों के खात्मे के लिए ठोस रणनीति बनाई है। अगले कुछ महीनों के भीतर सारंडा समेत सभी प्रभावित इलाकों से नक्सलियों को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। सुरक्षा बलों ने राज्य में 8 अक्टूबर से शुरू हुए ‘प्रतिरोध सप्ताह’ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त कर दी है।
15 अक्टूबर को माओवादी संगठन द्वारा बुलाए गए बंद के मद्देनजर पुलिस ने विशेष चौकसी बढ़ा दी है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और आम जनता सुरक्षित रहे।
झारखंड के सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा IED विस्फोट ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। शहीद जवान महेंद्र लश्कर की शहादत को पुलिस और राज्य सरकार ने श्रद्धांजलि दी है। माओवादी नक्सलियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज है और जनता की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। आगामी बंद और प्रतिरोध सप्ताह को लेकर प्रशासन सतर्क है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।










