Amritsar ASI Murder : अमृतसर में ड्यूटी के दौरान पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के मुताबिक, इस हत्याकांड की साजिश कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर ने रची थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवकों को पैसे और नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल करने का लालच दिया गया था।
पाकिस्तान स्थित हैंडलर पर पुलिस का आरोप
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि सीमा पार मौजूद हैंडलर ने आरोपियों को अपने प्रभाव में लेने के लिए उन्हें पैसों और ड्रग्स के कारोबार से जुड़ने का लालच दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से उनकी कथित ‘वफादारी’ साबित करने के लिए किसी अकेले पुलिसकर्मी को निशाना बनाने का काम कराया गया। इस मामले में हैंडलर की भूमिका और उसके नेटवर्क की जांच की जा रही है।
ASI की हत्या का वीडियो बनाने का दावा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने ASI हरजीत सिंह को गोली मारने के बाद घटना का वीडियो बनाया और उसे पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर को भेजा। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। जांच के दौरान कथित वीडियो और लोकेशन से जुड़े डेटा को भी खंगाला जा रहा है, ताकि वारदात की पूरी कड़ी सामने लाई जा सके।
18 सितंबर की रात हुई थी वारदात
ASI हरजीत सिंह 18 सितंबर की रात अमृतसर के गेट हकीमा थाना क्षेत्र में ड्यूटी पर थे। रिपोर्टों के अनुसार, गश्त के दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं। उन्हें कई गोलियां लगीं और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में जांच और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी थी।
ठंडा रोड पर पुलिस से हुई मुठभेड़
हत्या के बाद पुलिस ने अमृतसर में कई जगह नाकाबंदी की थी। पुलिस के मुताबिक, ठंडा रोड पर एक नाके के दौरान संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई। इसी दौरान एक आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर चार राउंड फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
मुठभेड़ के दौरान एक अन्य संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को पकड़ने के साथ ही इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने का प्रयास भी जारी है।
हत्या के पीछे ड्रग्स नेटवर्क की जांच
पुलिस जांच में सामने आए कथित पाकिस्तान कनेक्शन के साथ ड्रग्स नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, आरोपियों को नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल करने का लालच दिया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों का कथित हैंडलर से संपर्क कैसे हुआ और उनके बीच किस तरह का नेटवर्क काम कर रहा था।
डिजिटल सबूतों से खुलेगी साजिश की परत
जांच में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं। पुलिस कथित हत्या के वीडियो, लोकेशन कॉर्डिनेट्स और आरोपियों के संपर्कों से संबंधित डिजिटल जानकारी की फॉरेंसिक जांच कर रही है। इन साक्ष्यों के जरिए पुलिस वारदात से पहले और बाद के घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया
ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने शहर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी थी। घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। शुरुआती घटना में हमलावरों की पहचान के लिए भी पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले थे। अब मुठभेड़ के बाद जांच का फोकस कथित सीमा पार संपर्क और आपराधिक नेटवर्क तक पहुंचने पर है।
मामले में आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी के मारे जाने और दूसरे के फरार होने की जानकारी दी है। पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलर की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। अधिकारी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को जोड़कर ASI हरजीत सिंह की हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटे हैं।
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