Ankita Bhandari Murder Case : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की अपील की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में अंकिता को न्याय दिलाने की जरूरत पर जोर देते हुए सरकार से जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
राहुल गांधी ने उठाया ‘VIP कौन था’ का सवाल
राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि 19 वर्षीय अंकिता ने कथित तौर पर एक वीआईपी के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के चार साल बाद भी उस वीआईपी की पहचान को लेकर सवाल बने हुए हैं। राहुल गांधी ने सीबीआई की जांच की गति पर भी चिंता जताई और कहा कि मामले में पूरी सच्चाई सामने आना जरूरी है।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग
राष्ट्रपति को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि अंकिता के परिवार सहित कुछ लोगों की ओर से दुष्यंत गौतम के मामले से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। उन्होंने इसी संदर्भ में गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, किसी व्यक्ति की कथित संलिप्तता और उसके खिलाफ साबित हुए आरोप अलग-अलग बातें हैं। इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
राज्यपाल पद और कानूनी प्रक्रिया को लेकर चिंता
राहुल गांधी ने अपने पत्र में नियुक्ति के संवैधानिक और कानूनी पहलुओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि राज्यपाल पद पर रहते हुए दुष्यंत गौतम के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को लेकर संवैधानिक संरक्षण का सवाल उठ सकता है। इसी आधार पर उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि सरकार को नियुक्ति पर दोबारा विचार करने और जांच पूरी होने तक उन्हें पदभार नहीं संभालने देने की सलाह दी जाए। यह राहुल गांधी की ओर से उठाई गई मांग है, न कि नियुक्ति पर रोक लगाने का कोई घोषित सरकारी फैसला।


प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल गांधी का राजनीतिक हमला
पत्र में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई है। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से अंकिता के माता-पिता की न्याय पाने की उम्मीद बनाए रखने की अपील की। इस बयान के बाद मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है और महिला सुरक्षा तथा न्यायिक जवाबदेही से जुड़े सवाल फिर उठने लगे हैं।
इंडिया गेट पर अंकिता के परिवार का धरना
इस मामले में अंकिता भंडारी के परिजनों ने बुधवार को नई दिल्ली के इंडिया गेट पर न्याय की मांग को लेकर धरना दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने परिवार के प्रति समर्थन जताया और प्रदर्शन में भाग लिया। परिवार की मांग है कि मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष तरीके से जवाब मिले और न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़े।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद फिर बढ़ी चर्चा
धरने के दौरान तड़के सुबह दिल्ली पुलिस ने अंकिता के परिजनों को हिरासत में लिया। हालांकि, कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब राष्ट्रपति को लिखे राहुल गांधी के पत्र, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर उठे सवाल और अंकिता के परिवार की न्याय की मांग पर राजनीतिक तथा सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है। मामले में किसी भी आरोप या दावे की पुष्टि आधिकारिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होनी चाहिए।
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