Swami Avimukteshwaranand
Swami Avimukteshwaranand: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में इन दिनों धार्मिक और राजनीतिक हलचल तेज है। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी धार्मिक यात्रा पर निकले हुए हैं, लेकिन इस यात्रा के साथ ही विवादों का साया भी बढ़ गया है। हाल ही में उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में यात्रा के दौरान जानलेवा हमला होने की खबर सामने आई है। इस हमले के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने सीधे तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर इस साजिश को रचने का आरोप लगाया है। इस घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि सनातन धर्म के अनुयायियों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है।
अपनी यात्रा के दूसरे दिन जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से आशुतोष महाराज पर हुए हमले के बारे में सवाल पूछे गए, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़े ही शांत लहजे में जवाब देते हुए कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी केवल मीडिया के माध्यम से ही मिली है। उन्होंने तर्क दिया कि वह स्वयं अपनी यात्रा में व्यस्त हैं और भौतिक रूप से यहाँ उपस्थित हैं, ऐसे में उन पर इस तरह के षड्यंत्र का आरोप लगाना बेबुनियाद है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताया और कहा कि यह सब केवल मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घटना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि ट्रेन के अटेंडेंट ने देखा था कि आशुतोष ब्रह्मचारी जब बाथरूम जा रहे थे, तब वह बिल्कुल ठीक थे। बाथरूम से वापस लौटने के बाद ही उन्होंने अचानक खुद पर हमला होने और चोट लगने का दावा शुरू कर दिया। शंकराचार्य ने कहा कि घटना की कड़ियां आपस में नहीं मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने समर्थकों को पहले ही कड़ी हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या शारीरिक नुकसान पहुँचाने वाले कृत्य से दूर रहें।
विवाद के बीच एक चर्चा यह भी उठी थी कि किसी ने आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ 21 लाख रुपये का इनाम रखा है। इस पर टिप्पणी करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनका इस तरह के किसी भी इनाम या घोषणा से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “हमने अपने समर्थकों से साफ कहा है कि अगर किसी को जवाब देना है, तो वह शारीरिक बल से नहीं बल्कि बौद्धिक रूप से दें।” स्वामी जी का मानना है कि धर्म और शास्त्रार्थ में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और वे किसी भी कानूनी या व्यक्तिगत लड़ाई को मर्यादा के भीतर रहकर ही लड़ना पसंद करते हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा बार-बार सबूत होने की बात कहने पर भी शंकराचार्य ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि यदि उनके पास वास्तव में कोई पुख्ता सबूत थे, तो वे उन्हें अब तक सार्वजनिक या कानूनी रूप से पेश क्यों नहीं कर पाए? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि आशुतोष हर जगह लैपटॉप लेकर घूम रहे हैं, अगर कुछ सच होता तो सबूत पहले ही सामने आ गए होते। इस तरह उन्होंने खुद पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों और हालिया हमले की साजिश को पूरी तरह से काल्पनिक करार दिया। रायबरेली में पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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