Yashasvi Jaiswal : न्यूजीलैंड के आगामी दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा की। वनडे टीम में युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को जगह नहीं मिलने पर चर्चा शुरू हो गई है। भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने चयनकर्ताओं के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि जब शुभमन गिल अंतिम दो वनडे मुकाबलों में उपलब्ध नहीं होंगे, तब जायसवाल को टीम में शामिल करने का अवसर था। अश्विन के मुताबिक, लगातार मौके नहीं मिलने से युवा बल्लेबाज के आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है। उन्होंने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन से जायसवाल को उचित अवसर देने की अपील की।
अश्विन ने कहा, गिल की जगह जायसवाल को मिलना चाहिए था मौका
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुभमन गिल यदि अंतिम दो वनडे नहीं खेल रहे हैं, तो उनकी जगह यशस्वी जायसवाल को मौका दिया जाना चाहिए था। अश्विन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लगातार टीम में अवसर नहीं मिलना किसी युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है। उनके अनुसार, जायसवाल प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं और उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए पर्याप्त मौके मिलने चाहिए। अश्विन की टिप्पणी के बाद भारतीय टीम के चयन और युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की नीति पर चर्चा तेज हो गई है।
जायसवाल को लगातार मौके नहीं मिलने पर उठाए सवाल
अश्विन ने कहा कि वह शुभमन गिल और केएल राहुल की स्थिति को समझ सकते हैं, लेकिन जायसवाल को खेलने का अवसर नहीं मिलना उन्हें उचित नहीं लगता। उन्होंने चिंता जताई कि लगातार चयन से बाहर रहने के कारण युवा बल्लेबाज की बल्लेबाजी और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। अश्विन के मुताबिक, जायसवाल पहले जिस आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते थे, उसमें बदलाव दिखाई दे रहा है। हालांकि, किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन में बदलाव के कई कारण हो सकते हैं और केवल चयन में अवसर नहीं मिलना ही इसकी वजह हो, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। अश्विन की चिंता मुख्य रूप से प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लगातार अवसर देने को लेकर है।
अफगानिस्तान के खिलाफ जायसवाल ने जड़ा था नाबाद शतक
यशस्वी जायसवाल ने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया था। उन्होंने 86 गेंदों पर नाबाद 110 रन बनाए थे। उस मैच में उन्हें विराट कोहली के चोटिल होने के कारण टीम में शामिल किया गया था। इस पारी के जरिए जायसवाल ने दिखाया था कि उन्हें मौका मिलने पर वह बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं। अश्विन ने भी इसी तरह के प्रदर्शन और जायसवाल की प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाया है। उनके अनुसार, इस युवा सलामी बल्लेबाज को अपनी जगह मजबूत करने के लिए नियमित अवसर मिलना जरूरी है।
चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को अश्विन की सलाह
अश्विन ने कहा कि यशस्वी जायसवाल कभी लगातार रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में पहचाने जाते थे। ऐसे में यदि उनका आत्मविश्वास प्रभावित हो रहा है, तो चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वे परिस्थितियों के अनुसार उन्हें खेलने का अवसर दें। अश्विन के मुताबिक, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेंच पर बैठाए रखने के बजाय उनकी क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में जायसवाल का चयन नहीं होने से यह सवाल फिर उठ रहा है कि भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों को अपनी जगह पक्की करने के लिए कितने अवसर मिल रहे हैं। हालांकि, अंतिम फैसला चयनकर्ताओं की रणनीति और टीम की जरूरतों पर निर्भर करता है।