Asia Cup Hockey 2025 में भारतीय हॉकी टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। सुपर-4 राउंड के आखिरी मुकाबले में भारत ने चीन को 7-0 से हराकर टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी रिकॉर्ड 9वीं एंट्री दर्ज की। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है और अब खिताबी जंग में उसका सामना होगा 5 बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया से। टूर्नामेंट में भारतीय टीम का दबदबा बिहार के राजगीर में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में टीम इंडिया शुरू से ही आक्रामक और सटीक हॉकी खेल रही है। पूल स्टेज में अव्वल रहते हुए भारत ने सुपर-4 में कदम रखा, जहां तीन मुकाबलों में से दो में जीत और एक ड्रॉ के साथ कुल 7 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने फाइनल का टिकट कटाया। चीन के खिलाफ एकतरफा मुकाबला सुपर-4 के निर्णायक मैच में भारत ने चीन को करारी शिकस्त दी। महज 7 मिनट में स्कोर 2-0 हो गया था, जब शैलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह ने गोल किए। इसके बाद 18वें मिनट में मंदीप सिंह ने स्कोर 3-0 कर दिया। दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। राजकुमार पाल और सुखजीत सिंह ने लगातार दो गोल कर चीन को उबरने का मौका नहीं दिया, वहीं अभिषेक ने दो गोल दागकर स्कोर को 7-0 तक पहुंचा दिया। बिना हार के फाइनल तक सफर टीम इंडिया ने अब तक इस टूर्नामेंट में कुल 6 मुकाबले खेले, जिनमें से 5 में जीत हासिल की और सिर्फ एक मुकाबला ड्रॉ रहा – जो कोरिया के खिलाफ था। यही कोरिया अब फाइनल में भारत के सामने खड़ा होगा, जिससे भारतीय टीम पुराना हिसाब चुकता करने के लिए पूरी तरह तैयार है। खिताबी जंग: भारत बनाम कोरिया फाइनल मुकाबला बेहद खास होगा क्योंकि भारत और दक्षिण कोरिया चौथी बार एशिया कप के फाइनल में आमने-सामने होंगे। अब तक के फाइनल मुकाबलों में कोरिया को 2 और भारत को 1 जीत मिली है। भारत ने 3 बार एशिया कप जीता है, जबकि कोरिया ने अब तक सबसे ज्यादा 5 बार खिताब अपने नाम किया है। भारत के पास इस बार न केवल कोरिया से फाइनल में पिछली हारों का बदला लेने, बल्कि चौथी बार एशियाई चैंपियन बनने का भी सुनहरा मौका है। Read More : Trump Modi tweets issue: शशि थरूर का अमेरिका-भारत रिश्तों पर विचार, ट्रंप- मोदी के मैत्रीपूर्ण ट्वीट से नहीं होगी समस्या की सच्ची मरम्मत














