Assam Air Force Plane Crash : असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना (IAF) का एक मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब विमान जोरहाट के रोरिया इलाके में स्थित वायुसेना स्टेशन पर लैंड करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान विमान की रफ लैंडिंग (खराब लैंडिंग) हो गई, जिसके बाद एयरक्राफ्ट रनवे पर ही हादसे का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। क्रैश के तुरंत बाद विमान के मलबे में भीषण आग लग गई थी, जिस पर दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया है।

जान-माल के नुकसान को लेकर विरोधाभासी खबरें
इस दर्दनाक हादसे में हताहतों की संख्या को लेकर फिलहाल अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं। कुछ शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस विमान हादसे में वायुसेना के पांच सैन्यकर्मियों की मौत हो गई है, जबकि सह-पायलट (को-पायलट) की जान बच गई है। घायल को-पायलट को मलबे से सुरक्षित निकालकर तुरंत नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। दूसरी तरफ, वायुसेना के आधिकारिक प्रवक्ताओं का कहना है कि दुर्घटना में किसी के हताहत होने की पूरी रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है। कुछ अपुष्ट खबरों में मुख्य पायलट की मौत की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन वायुसेना ने अभी इसकी अंतिम पुष्टि नहीं की है।

एएन-32 कार्गो विमान का सैन्य अभियानों में महत्व
हादसे का शिकार हुआ विमान भारतीय वायुसेना का भरोसेमंद AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट था। इस विमान का मुख्य उपयोग सैन्य सामान, रसद और आवश्यक सप्लाई को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता था। पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में भारतीय सेना और वायुसेना के ऑपरेशन्स के लिए यह विमान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस हादसे के बाद असम के जोरहाट एयरबेस पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को बढ़ा दिया गया है। फिलहाल दुर्घटनास्थल पर मलबा हटाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए व्यापक स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी
भारतीय वायुसेना ने इस गंभीर घटना को बेहद संज्ञान में लिया है। वायुसेना के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एक्स) पर जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आज जोरहाट में लैंडिंग के समय एक An-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। इस क्रैश के वास्तविक तकनीकी या मानवीय कारणों का सटीक पता लगाने के लिए वायुसेना ने तुरंत एक उच्च स्तरीय ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (जांच आयोग) के गठन का आदेश दे दिया है। जांच टीम यह पता लगाएगी कि क्या यह हादसा किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर खराब मौसम और विजिबिलिटी की कमी इसके पीछे की मुख्य वजह थी। मामले की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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