Assam politics 2026
Assam politics 2026: असम की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया जब मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिए गए इस आदेश के घेरे में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा और महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर शामिल हैं। सरकार का आरोप है कि एक हालिया रैली के दौरान इन नेताओं ने महिलाओं के प्रति अत्यंत ‘आपत्तिजनक और अमर्यादित इशारे’ किए थे, जिसे कैबिनेट ने असम की नारी शक्ति का सामूहिक अपमान माना है।
कैबिनेट बैठक के संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं उस घटना की क्लिप देखी है और उन नेताओं की भाव-भंगिमाएं (Gestures) बहुत ही निम्न स्तर की थीं। सीएम शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, “कोई भी सामान्य या सभ्य राजनेता किसी महिला को इस तरह के इशारे नहीं कर सकता। यह केवल राजनीतिक विरोध का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे राज्य की संस्कृति और महिलाओं के सम्मान से जुड़ा प्रश्न है।” उन्होंने इसे असमिया पहचान पर चोट करार दिया है।
विवाद की जड़ गुवाहाटी में आयोजित कांग्रेस की एक राज्यव्यापी रैली है। मुख्यमंत्री के दावों के अनुसार, रैली के लिए इस्तेमाल की जा रही एक बस की छत पर सवार होकर इन नेताओं ने कथित तौर पर भद्दे इशारे किए थे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें यह वीडियो क्लिप दिल्ली के एक परिचित ने भेजी थी, जिसके बाद उन्होंने इसकी सत्यता की जांच कराई। सीएम ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि स्थानीय मीडिया ने शुरुआत में इस गंभीर मुद्दे को क्यों नहीं कवर किया। अब इस पूरे वीडियो फुटेज को राज्य महिला आयोग को भी भेजा गया है ताकि संवैधानिक स्तर पर भी इस पर संज्ञान लिया जा सके।
हिमंत विश्व शर्मा ने केवल पुलिस कार्रवाई तक ही सीमित न रहकर कांग्रेस आलाकमान से भी कड़े कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को तुरंत देबब्रत सैकिया और भूपेन कुमार बोरा जैसे नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी एक जाति या समुदाय की महिलाओं का अपमान नहीं है, बल्कि संपूर्ण असमिया समाज की बेटियों और माताओं का अपमान है। शर्मा के अनुसार, यदि कांग्रेस इन नेताओं पर कार्रवाई नहीं करती है, तो जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
इस विवाद के साथ-साथ असम कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लिया है, जो सांसद गौरव गोगोई से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई के कुछ संदिग्ध ‘पाकिस्तानी संबंध’ हैं, जिसकी जांच अब केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी। सीएम ने दावा किया कि इस मामले में तीन प्रमुख पात्र हैं—एक सांसद, उनकी ब्रिटिश पत्नी और एक पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख। बीजेपी लगातार गोगोई की पत्नी के कथित आईएसआई संबंधों को लेकर हमलावर रही है, और अब इसे आधिकारिक जांच के दायरे में लाने की तैयारी है।
राजनीतिक गहमागहमी के बीच कैबिनेट ने राज्य के कर्मचारियों के लिए भी बड़ी घोषणा की है। सरकार ने 8वें राज्य वेतन आयोग (8th State Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है, जिससे सरकारी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि की उम्मीद जगी है। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भूमि आवंटन के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई है।
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