Atal Utkrishta Shiksha Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिक परिवारों के होनहार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निशुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इस योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को राज्य के महंगे निजी आवासीय स्कूलों में सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी।

श्रमिक बच्चों को मिलेगा उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा
इस योजना के अंतर्गत कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों को चुना जाएगा और उन्हें राज्य के 14 निजी आवासीय स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। वर्ष 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में 100 बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जबकि अगले सत्र से यह संख्या बढ़ाकर 200 बच्चों तक की जाएगी। बच्चों की शिक्षा, आवास, भोजन, पुस्तकें, वर्दी व अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।

श्रमिकों के सपनों को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना का शुभारंभ करते हुए कहा, “श्रमिक समाज के लिए बहुत योगदान देता है, लेकिन अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए संसाधनों की कमी होती है। अब उनका बेटा या बेटी भी डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, वकील, सीए या राजनेता बन सकता है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने की पहल है।”
शिक्षा के साथ कोचिंग की भी सुविधा
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने जानकारी दी कि श्रमिक बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग योजना भी चलाई जा रही है। इससे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग के अंतर्गत तीन मंडलों में लगभग 70 से अधिक योजनाएं संचालित हैं, जिनसे लाखों श्रमिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। बीते 20 महीनों में सरकार ने 600 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों को पहुंचाया है।
अटल जी के सपनों को साकार करने की पहल
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संकल्पों को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। प्रदेश के 30 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।
‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ छत्तीसगढ़ सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जो समाज के सबसे मेहनतकश वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्रदान करती है। यह योजना केवल शिक्षा नहीं, बल्कि समान अवसर और सामाजिक न्याय की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।










