Badrinath Temple : उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। शनिवार, 11 जुलाई को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंदिर परिसर पहुंचकर गहन पड़ताल की। इस दौरान जांच टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए, जिनमें सीसीटीवी फुटेज और मुख्य आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के कॉल रिकॉर्ड शामिल हैं। ज्ञात हो कि मामला प्रकाश में आने के बाद नौटियाल को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। SIT अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जो इस धांधली में शामिल अन्य लोगों तक पहुंच बना सकें।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ कर्मचारी का संदिग्ध कृत्य
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की संदिग्ध गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। फुटेज में उसे दान-गणना कक्ष (काउंटिंग रूम) से अपने कार्यालय के बीच बार-बार आते-जाते देखा जा सकता है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने गणना कक्ष से नकदी, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम शिलाएं और चढ़ावे के लिफाफे चुराकर अपने कार्यालय में छिपाए थे। 2 जुलाई के फुटेज में उसे 500 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियां तथा अन्य कीमती सामान छिपाते हुए देखा गया है। SIT ने अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए 25 और 29 जून के सीसीटीवी फुटेज को भी स्कैन करना शुरू कर दिया है ताकि चोरी की अन्य घटनाओं का खुलासा हो सके।

अनियमितताओं के बाद शुरू हुई कानूनी और विभागीय कार्रवाई
यह पूरा प्रकरण 2 जुलाई को मंदिर में दान की गिनती के दौरान हुई अनियमितताओं के बाद सामने आया। तय नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए गणना क्षेत्र से नकदी गायब की जा रही थी। इस मामले में बीकेटीसी के प्रभारी मंदिर अधिकारी युधवीर पुष्पवान की लिखित शिकायत पर बद्रीनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। एसआईटी ने मामले की तह तक जाने के लिए मंदिर के सीसीटीवी कंट्रोल अधिकारी पंवार और हरेंद्र कोठारी समेत अन्य जिम्मेदार बीकेटीसी अधिकारियों के भी बयान दर्ज किए हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़ी जा सके।
हाई कोर्ट में चुनौती और चार स्तरीय जांच
इस बीच, आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन और दर्ज प्राथमिकी को उत्तराखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आलोक मेहरा ने मंदिर समिति को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, और अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस गंभीर प्रकरण की जांच फिलहाल चार अलग-अलग स्तरों पर चल रही है। स्थानीय पुलिस और SIT के साथ-साथ, बीकेटीसी की आंतरिक विभागीय समिति और गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति भी पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बद्रीनाथ धाम में हुई इस वित्तीय गड़बड़ी ने मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
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