Bahadurgarh Encounter: हरियाणा के बहादुरगढ़ में रविवार तड़के हुई एक सनसनीखेज मुठभेड़ में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो खतरनाक शूटरों को मार गिराया गया है। मारे गए शूटरों की पहचान परवेश और हिमांशु के रूप में हुई है। यह दोनों पिछले महीने हिसार के हांसी में जिम संचालक कपिल रेड्डी की सरेआम हत्या के मामले में मुख्य आरोपी थे और लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे। मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से जमकर गोलियां चलीं। इस क्रॉस-फायरिंग में पुलिस का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे पैर में गोली लगी है। हालांकि, बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण कई अन्य पुलिसकर्मियों की जान बाल-बाल बच गई।

पुलिस ने कैसे बिछाया जाल?
एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि इस एनकाउंटर की पटकथा एक पुख्ता खुफिया जानकारी के बाद लिखी गई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट को इनपुट मिला था कि हांसी हत्याकांड के वांछित आरोपी भारी मात्रा में हथियारों और कारतूसों के साथ इलाके में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। इसके बाद एसटीएफ और स्पेशल सेल की टीमों ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया। जैसे ही पुलिस ने शूटरों को इंटरसेप्ट किया, उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपनी और टीम की रक्षा के लिए पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई में गोली चलानी पड़ी।

पुलिस के साहस और सुरक्षा का प्रदर्शन
मुठभेड़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बदमाशों की गोलियां चार पुलिस अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। यदि सुरक्षा जैकेट नहीं होती, तो शायद पुलिस को और बड़ी क्षति उठानी पड़ती। मुठभेड़ शांत होने के तुरंत बाद, पुलिस की टीम ने दोनों घायल शूटरों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस की मुस्तैदी और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण मानी जा रही है।
क्या था हांसी का कपिल हत्याकांड?
बीते महीने हरियाणा के हांसी शहर में जिम संचालक कपिल की सरेआम हुई हत्या ने पूरे प्रदेश को दहला दिया था। दो अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े कपिल को गोलियों से भून दिया था। घटना के बाद से ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया इनपुट से यह साफ हो गया था कि इस हत्याकांड को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों परवेश और हिमांशु ने ही अंजाम दिया था। दोनों फरार थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस ने हांसी हत्याकांड की एक महत्वपूर्ण कड़ी को समाप्त कर दिया है। फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस अन्य गैंगस्टरों के खिलाफ भी गहन पड़ताल कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Read More : Ram Mandir Row : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी, काली कमाई के हिसाब पर ट्रस्ट की नजर, आज होगी अहम बैठक












