Balod Suicide
Balod Suicide : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक समाचार सामने आया है, जहाँ एक पिता अपने जवान बेटे के असमय बिछड़ने का गम सहन नहीं कर पाया। जिले के ग्राम खल्लारी में रहने वाले 40 वर्षीय नामदेव साहू ने अपने पुत्र की मृत्यु के सदमे में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि पिता अपने बेटे की याद में इस कदर टूट चुका था कि उसने मौत को गले लगाना ही बेहतर समझा। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
इस मार्मिक कहानी की शुरुआत करीब तीन महीने पहले हुई थी, जब नामदेव साहू के 17 वर्षीय पुत्र वेदप्रकाश की अचानक मृत्यु हो गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, वेदप्रकाश घर पर मोबाइल देख रहा था, तभी उसे अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा और उसकी जान चली गई। 17 साल की उम्र में इकलौते बेटे का इस तरह चले जाना पिता नामदेव के लिए किसी गहरे आघात से कम नहीं था। बेटे के अंतिम संस्कार के बाद से ही नामदेव पूरी तरह से बदल गए थे। परिजनों का कहना है कि वे दिन-रात अपने बेटे को याद करते रहते थे और धीरे-धीरे गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चले गए थे।
ग्रामीणों और रिश्तेदारों के मुताबिक, बेटे की मौत के बाद से नामदेव का मानसिक संतुलन भी बिगड़ने लगा था। वे अक्सर खोए-खोए रहते थे और किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे। शनिवार की सुबह करीब 9 बजे जब गांव के कुछ लोग पथर्री तालाब की ओर गए, तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। तालाब के किनारे स्थित एक पुराने पीपल के पेड़ पर नामदेव का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना परिवार के सदस्यों और स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला पाया है।
घटना की सूचना मिलते ही बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्च्युरी भेजा गया। थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया कि प्राथमिक पूछताछ में परिजनों ने मृतक के मानसिक रूप से अस्थिर होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नामदेव साहू का पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम खल्लारी लाया गया। दोपहर के समय गांव के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव का हर व्यक्ति गमगीन था। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार में तीन महीने के भीतर दो मौतों ने सबको डरा दिया है। जिस घर में कुछ समय पहले तक खुशियां थीं, वहां अब केवल सिसकियां बची हैं। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि मानसिक स्वास्थ्य और अपनों को खोने के बाद मिलने वाले सदमे को गंभीरता से लेना कितना आवश्यक है।
Read More : Jashpur Accident : शादी के दूसरे दिन युवक की दर्दनाक मौत, ट्रैक्टर पलटने से जशपुर में मची चीख-पुकार!
Ambikapur News : शहर के राम मंदिर रोड स्थित बहुचर्चित मुकेश पटाखा एवं प्लास्टिक गोदाम…
Govt Jobs 2026 : कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने सरकारी नौकरी का सपना देख रहे…
Sandalwood Farming : अगर आप भी खेती को आज के दौर में कम कमाई वाला…
Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन…
Swiss Air Delhi Airport Fire : देश की राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई…
Anemia and Dementia Link : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खान-पान के कारण…
This website uses cookies.