Bhilai MMS
Bhilai MMS Case : छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बने ‘कथित सेक्स वीडियो’ मामले में भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को विधायक स्वयं भिलाई नगर थाने पहुंचे और पुलिस की जांच प्रक्रिया में सहयोग करते हुए अपना फोटो और वीडियो सैंपल रिकॉर्ड करवाया। पुलिस ने इन सैंपल्स को सुरक्षित कर लिया है ताकि वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति और विधायक के शारीरिक मिलान की फॉरेंसिक जांच की जा सके। यह कदम उस कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है जो साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई थी, जब एक विवादित एमएमएस ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था।
यह पूरा विवाद साल 2023 के विधानसभा चुनावों के ठीक पहले शुरू हुआ था। उस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ था, जिसमें एक युवक को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था। भारतीय जनता पार्टी ने तत्कालीन विधायक देवेंद्र यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि वीडियो में दिख रहा युवक वही हैं। भाजपा ने इस मामले में पुलिस से कड़ी शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। हालांकि, देवेंद्र यादव ने शुरू से ही इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे अपनी राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए विपक्ष द्वारा रचा गया एक “घृणित षडयंत्र” करार दिया है।
थाने पहुंचने से पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए देवेंद्र यादव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर चुटकी भी ली। उन्होंने बताया कि उन्हें पुलिस की ओर से जांच में शामिल होने के लिए एक नोटिस मिला था, लेकिन नोटिस मिलने का समय बड़ा अजीब था। विधायक के अनुसार, नोटिस में उन्हें 6 तारीख की सुबह 11:00 बजे थाने बुलाया गया था, जबकि वह नोटिस उनके पास उसी दिन दोपहर 1:00 बजे पहुंचा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नोटिस समय बीतने के बाद मिल रहा है, तो जांच की गंभीरता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं चाहते हैं कि इस मामले की दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए ताकि जनता के सामने सच आ सके।
विधायक देवेंद्र यादव ने दोहराया कि जो वीडियो वायरल किया गया था, वह पूरी तरह से फर्जी और ‘मॉर्फ्ड’ (छेड़छाड़ किया गया) है। उन्होंने बताया कि जब यह वीडियो पहली बार सामने आया था, तभी उन्होंने भिलाई नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विधायक के मुताबिक, उन्होंने पहले भी एक फॉरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक की थी, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव जीतने के लिए अनैतिक हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि अन्य बड़े मामलों में त्वरित जांच और सीबीआई हस्तक्षेप हो सकता है, तो उनके मामले की जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है।
आपको याद दिला दें कि इस वीडियो विवाद के चरम पर रहने के दौरान देवेंद्र यादव एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद भावुक हो गए थे और उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। उन्होंने रुंधे गले से कहा था कि वह एमएमएस उनके पास महीनों पहले आया था और उन्होंने तभी पुलिस को इसकी जानकारी दे दी थी। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि इस वीडियो का मूल स्रोत संभवतः हैदराबाद में था, जहां से इसे पहली बार इंटरनेट पर अपलोड किया गया था। अब विधायक द्वारा अपना वीडियो सैंपल दिए जाने के बाद, पुलिस इस मामले में अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो इस विवाद का पटाक्षेप कर सकती है।
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