छत्तीसगढ़

Balod school collapse : बालोद में सरकारी स्कूल का जर्जर भवन ढहा, 6 मजदूर घायल, दो की हालत गंभीर

Balod school collapse : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। गुंडरदेही ब्लॉक के राहुद शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल का जर्जर भवन सोमवार को ढह गया, जिसमें काम कर रहे 6 मजदूर घायल हो गए। इनमें से दो मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को तत्काल गुंडरदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।

जर्जर भवन को ढहाने के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह स्कूल भवन लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में था। स्कूल प्रबंधन ने इस संबंध में पहले ही उच्चाधिकारियों को लिखित सूचना दी थी। इसके बाद पंचायत की ओर से पुराने भवन को तोड़ने का काम मजदूरों को सौंपा गया।सोमवार को मजदूर डिस्मेंटल कार्य में जुटे थे, तभी अचानक भवन की छत भरभराकर गिर पड़ी और 6 मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। गुंडरदेही अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. एपी चंद्राकर ने बताया कि सभी मजदूरों को तत्काल इलाज दिया गया है। दो मजदूरों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य मजदूर खतरे से बाहर हैं।

बच्चों पर मंडराता खतरा

इस हादसे ने स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। शिक्षकों ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, उसी स्थान पर छुट्टी के बाद बच्चे अक्सर खेलते हैं। अगर भवन दिन के समय गिरता, तो बड़ी संख्या में मासूम छात्र इसकी चपेट में आ सकते थे। स्कूल स्टाफ का कहना है कि उन्होंने जर्जर भवन की मरम्मत और सुरक्षा को लेकर पहले ही कई बार आवेदन दिए थे, लेकिन जिम्मेदार विभाग की लापरवाही के कारण मजदूरों की जान पर बन आई। यह घटना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।

स्थानीयों में आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग और पंचायत को पहले ही जर्जर भवनों को सुरक्षित तरीके से गिराने की कार्रवाई करनी चाहिए थी। देर से की गई कार्यवाही के कारण यह हादसा हुआ है। बालोद जिले की यह घटना एक बार फिर सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों की हकीकत को सामने लाती है। हादसा भले ही मजदूरों के साथ हुआ हो, लेकिन यह बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए यह एक चेतावनी है कि समय रहते जर्जर भवनों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाना जरूरी है, वरना आने वाले दिनों में इससे बड़ा हादसा हो सकता है।

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