बलौदाबाजार
Baloda Bazar Traders Protest: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार जहां अपनी उपलब्धियों और दो साल के कार्यकाल का जश्न मना रही है, वहीं बलौदाबाजार जिले से असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। बलौदाबाजार जिला मुख्यालय के व्यापारियों और आम जनता ने वर्तमान व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी, लचर कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापारियों का सब्र अब जवाब दे गया है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि एक तरफ विकास के दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ जिला मुख्यालय बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के नेतृत्व में व्यापारियों ने कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का सबसे गंभीर आरोप पुलिस और यातायात विभाग पर है। उनका कहना है कि शहर के प्रवेश द्वारों और मुख्य बाजारों में चेकिंग के नाम पर दोपहिया वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। व्यापारियों के अनुसार, पुलिस की इस ‘अवैध वसूली’ और सख्त रवैये के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहक अब शहर आने से कतराने लगे हैं। ग्राहकों में पुलिस का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि वे बाजार आने के बजाय दूसरे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जिसका सीधा और नकारात्मक असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।
व्यापारियों ने मंत्री के समक्ष शहर की बदहाल बुनियादी सुविधाओं का कच्चा चिट्ठा भी रखा। शहर में व्यवस्थित पार्किंग न होने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। व्यापारियों ने मांग की है कि ग्राहकों के लिए तत्काल पार्किंग स्थल सुनिश्चित किए जाएं। इसके साथ ही, महिलाओं की गरिमा को ध्यान में रखते हुए ‘पिंक महिला शौचालय’ और पुरुषों के लिए सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जुगल किशोर भट्टर का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के बिना कोई भी बाजार विकसित नहीं हो सकता। बाहरी ग्राहक सुविधाओं के अभाव में शहर में रुकना पसंद नहीं करते, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए व्यापारियों ने यातायात के नियमों में कुछ लचीलेपन की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच ट्रक और ट्रैक्टर जैसे वाहनों को ‘नो एंट्री’ से छूट दी जानी चाहिए। वर्तमान में सख्त प्रतिबंधों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों को खाद, बीज, सीमेंट और अन्य भारी निर्माण सामग्री ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। व्यापारियों का तर्क है कि इस एक घंटे की छूट से किसानों को राहत मिलेगी और बाजार में माल की आवाजाही सुगम हो सकेगी।
बाजार क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी व्यापारियों ने गंभीर चिंता जताई है। भैसा पसरा क्षेत्र में स्थित देवार डेरा को लेकर व्यापारियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। आरोप है कि इस क्षेत्र से असामाजिक तत्व बाजार में सक्रिय रहते हैं, जिससे चाकूबाजी, लूटपाट और अवैध शराब की बिक्री जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। इन आपराधिक गतिविधियों के कारण न केवल व्यापारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, बल्कि शाम ढलते ही बाजार में भय का सन्नाटा पसर जाता है। व्यापारियों ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन इन इलाकों में गश्त बढ़ाए और अवैध धंधों पर तत्काल रोक लगाए।
मंत्री टंक राम वर्मा ने व्यापारियों की सभी जायज मांगों को गंभीरता से सुना है और उनके त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित करने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार के जश्न के बीच बलौदाबाजार के व्यापारियों को उनकी समस्याओं से कब तक निजात मिलती है।
Read More: Digital Dacoity CG: छत्तीसगढ़ में डिजिटल डकैती का आतंक, हर 18 घंटे में एक ऑनलाइन ठगी
Mahasamund Murder Case: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक…
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के साथ ही…
Gold Silver Price Today: घरेलू सराफा बाजार में पिछले नौ दिनों से जारी गिरावट का…
Sikkim Weather Update: हिमालय की गोद में बसे खूबसूरत राज्य सिक्किम में कुदरत का कहर…
Share Market Record High: भारतीय शेयर बाजार के लिए 25 मार्च 2026 की सुबह खुशियों…
RCB New Owner: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के आगाज़ से पहले क्रिकेट जगत से…
This website uses cookies.