Balrampur News : बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दल से बिछड़ा एक दंतैल हाथी महुआ की गंध से आकर्षित होकर गांव में घुस आया और एक मकान को क्षतिग्रस्त करने लगा। इसी दौरान जान बचाने के लिए घर से बाहर निकले ग्रामीण का तेज बारिश और अंधेरे के बीच हाथी से आमना-सामना हो गया। हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र राजपुर के उप परिक्षेत्र बरियों अंतर्गत परिसर रेवतपुर के वन कक्ष क्रमांक पी-2556 क्षेत्र में पिछले तीन-चार माह से चार जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इनमें से एक हाथी दल से अलग होकर शुक्रवार रात करीब 9 बजे ग्राम रेवतपुर (नवापारा) पहुंच गया। हाथी ग्रामीण बालमसाय टेकाम के मकान के पीछे रखे महुआ की गंध से आकर्षित होकर घर के पिछले हिस्से को तोड़ने लगा। उस समय घर के अंदर बालमसाय टेकाम, उनकी पत्नी, बेटा और एक छोटी बच्ची मौजूद थे।

वन विभाग के अनुसार, मौके पर वन कर्मचारी, हाथी मित्र दल के छह सदस्य और कुछ ग्रामीण भी मौजूद थे तथा लगातार निगरानी कर रहे थे। रात करीब 9:30 बजे बालमसाय टेकाम घर से निकलकर सड़क की ओर भागे। बताया गया कि उन्हें रात में कम दिखाई देता था और उस समय तेज बारिश भी हो रही थी। लगभग 150 मीटर दूर उनका अचानक हाथी से सामना हो गया। हाथी ने उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद हाथी वापस जंगल की ओर चला गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। वन विभाग ने वन्य प्राणी क्षति का प्राथमिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वन विभाग ने मृतक की वैध उत्तराधिकारी पत्नी नगमतिया बाई को तत्काल राहत के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान कर दिए हैं। शेष 5.75 लाख रुपये की मुआवजा राशि नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी।
वन विभाग का कहना है कि हाथी मित्र दल और वन कर्मचारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं तथा ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। विभाग के अनुसार इन दिनों पके आम और कटहल की वजह से हाथी रिहायशी इलाकों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
वन विभाग ने हाथी प्रभावित गांवों के लोगों से अपील की है कि हाथियों के विचरण के दौरान अनावश्यक भीड़ न लगाएं, जंगल की ओर न जाएं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और हाथियों की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।











