Bastar News: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां कक्षा 5वीं और 8वीं के कुल 485 विद्यार्थियों को गलत अंकसूचियां (मार्कशीट) वितरित कर दी गईं। इस चूक के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने परीक्षा कार्य से जुड़े सहायक खंड शिक्षा अधिकारी (ABEO) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्हें एक दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने और निर्धारित समय सीमा में सभी त्रुटियों को सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

बीईओ ने एबीईओ से मांगा जवाब, सुधार के दिए निर्देश
शिक्षा विभाग के अनुसार, बस्तर विकासखंड में परीक्षा संबंधी कार्यों में हुई इस लापरवाही ने विभाग के शिक्षा गुणवत्ता संबंधी दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन ने परीक्षा कार्य के नोडल अधिकारी रहे सहायक खंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को गलत अंकसूचियां कैसे जारी कर दी गईं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह त्रुटि विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए मामले को अत्यंत गंभीर माना गया है।

वार्षिक परीक्षा 2026 की अंकसूचियों में मिलीं गंभीर त्रुटियां
यह पूरा मामला केंद्रीकृत वार्षिक परीक्षा 2026 से जुड़ा हुआ है। विभागीय जांच में सामने आया कि परीक्षा परिणाम तैयार करने और अंकसूची वितरण के दौरान कई विद्यार्थियों की मार्कशीट में गंभीर त्रुटियां रह गईं। अधिकारियों ने संबंधित एबीईओ को निर्देश दिया है कि वे एक दिन के भीतर अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत करें और तीन दिनों के अंदर सभी गलतियों को सुधारकर संशोधित अंकसूचियां जारी करने की प्रक्रिया पूरी करें। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को आगे की पढ़ाई या प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
13 जुलाई की समीक्षा बैठक में सामने आई थीं गड़बड़ियां
बीईओ द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, 13 जुलाई को जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में विभिन्न विकासखंडों से भेजे गए परीक्षा परिणामों और अंकसूचियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसी दौरान बस्तर विकासखंड से भेजी गई कई अंकसूचियों में गंभीर त्रुटियां पाई गईं। बैठक में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी गलतियों का समय रहते निराकरण किया जाए और संशोधित अंकसूचियां तैयार कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएं।
बार-बार निर्देश के बावजूद नहीं हुआ सुधार कार्य
शिक्षा विभाग का कहना है कि समीक्षा बैठक के बाद संबंधित अधिकारी को कई बार मौखिक और लिखित रूप से त्रुटियों को दूर करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद तय समय सीमा के भीतर अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। विभाग ने इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही माना है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर सुधार कार्य पूरा न होने के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए मामले में जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई
कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया या दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी त्रुटिपूर्ण अंकसूचियों को तत्काल सुधारकर सही मार्कशीट विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए परीक्षा परिणाम तैयार करने और अंकसूची वितरण की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा की जा सके और ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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