Batouli Eklavya School Principal FIR : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत एकलव्य आवासीय विद्यालय से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पदस्थ प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव के खिलाफ एक महिला ने छेड़छाड़ और प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद बतौली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद विद्यालय और स्थानीय क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बन गया है।
महिला की शिकायत पर प्राचार्य के खिलाफ FIR
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत में प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर बतौली पुलिस ने ओम नारायण श्रीवास्तव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 75(2), 78(2), 79 और 351(3) लगाई हैं।इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC-ST एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

BNS की किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की चार धाराओं का उल्लेख किया है। इनमें धारा 75(2), 78(2), 79 और 351(3) शामिल हैं। इसके अलावा SC-ST एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। एफआईआर दर्ज होने का अर्थ है कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर कानूनी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

छात्राओं की शिकायत का मामला भी चर्चा में
इस प्रकरण से जुड़ी एक अन्य जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि एकलव्य आवासीय विद्यालय की कुछ छात्राओं ने भी पहले प्राचार्य के खिलाफ जिला कलेक्टर से शिकायत की थी। इन शिकायतों में कथित प्रताड़ना से संबंधित आरोप लगाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, छात्राओं की ओर से की गई शिकायतों और वर्तमान एफआईआर के बीच क्या संबंध है, इसे लेकर फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में पुराने आरोपों और वर्तमान मामले की परिस्थितियों को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर समझना जरूरी है।
पहले भी लगाए जाने की बात सामने आए आरोप
प्राचार्य के खिलाफ पूर्व में भी प्रताड़ना के आरोप लगने की जानकारी सामने आई है। यदि इन शिकायतों से जुड़े दस्तावेज और तथ्य उपलब्ध होते हैं, तो जांच के दौरान उनकी भी प्रासंगिकता देखी जा सकती है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

बतौली पुलिस ने शुरू की जांच, साक्ष्यों की होगी पड़ताल
पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने के बाद बतौली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल इस मामले में प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों के सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


