Bhilai Bachao Padyatra: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भिलाई इस्पात संयंत्र, भिलाई टाउनशिप और उससे जुड़ी जनसुविधाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने चार दिवसीय ‘भिलाई बचाओ पदयात्रा’ की शुरुआत की है। जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के नेतृत्व में शुरू हुई इस यात्रा का उद्देश्य भिलाई टाउनशिप में रहने वाले लोगों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। पदयात्रा के पहले दिन पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

सेक्टर-9 से शुरू होकर रायपुर तक पहुंचेगी यात्रा
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में यह पदयात्रा भिलाई के सेक्टर-9 स्थित श्री हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुई। लगभग 70 किलोमीटर लंबी यह यात्रा भिलाई, चरोदा और कुम्हारी होते हुए 4 अगस्त को रायपुर पहुंचेगी। यात्रा के अंतिम दिन राजभवन में राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य भिलाई इस्पात संयंत्र और उससे जुड़ी टाउनशिप के हितों की रक्षा के लिए जनसमर्थन जुटाना है।

टाउनशिप की सुविधाओं को लेकर कांग्रेस की चिंता
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भिलाई टाउनशिप की सार्वजनिक सुविधाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि अस्पताल, स्कूल और अन्य आवश्यक सेवाओं की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर हुई है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि इन संस्थानों के निजीकरण की प्रक्रिया से कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इन सुविधाओं को पहले की तरह बेहतर बनाया जाए और लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
निजीकरण के मुद्दे पर सरकार और प्रबंधन को घेरा
पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र केवल औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण से कर्मचारियों तथा उनके परिवारों की समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि इन सेवाओं के निजीकरण की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए और आम नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
भिलाई की पहचान बचाने की मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि भिलाई की पहचान केवल स्टील प्लांट तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की सुव्यवस्थित टाउनशिप और गुणवत्तापूर्ण जनसुविधाएं भी इसकी विशेषता रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन सुविधाओं में लगातार कमी आती रही तो इसका असर हजारों परिवारों के जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने अस्पतालों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

इन प्रमुख मांगों को लेकर निकाली गई पदयात्रा
कांग्रेस ने इस पदयात्रा के माध्यम से कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। इनमें रिटेंशन और लाइसेंसधारी आवासों को खाली कराने की कार्रवाई रोकना, भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों का लंबित वेतन पुनरीक्षण (वेज रिवीजन) जल्द लागू करना और 39 महीने से लंबित एरियर का भुगतान शामिल है। इसके अलावा टाउनशिप के आवासों का नियमित रखरखाव, स्वच्छ पेयजल की बेहतर व्यवस्था, अस्पतालों और स्कूलों की सुविधाओं में सुधार तथा ठेका श्रमिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान की भी मांग की गई है।
जनजागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ेगी यात्रा
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पदयात्रा केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनजागरूकता अभियान भी है। यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संवाद किया जाएगा और उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। पार्टी का दावा है कि इससे स्थानीय नागरिकों की आवाज सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी। साथ ही भिलाई इस्पात संयंत्र और टाउनशिप से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि चार दिनों तक चलने वाली यह पदयात्रा विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों को जागरूक करेगी और अंत में रायपुर स्थित राजभवन पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि वह भिलाई इस्पात संयंत्र, टाउनशिप और वहां रहने वाले हजारों परिवारों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
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