Rikesh Sen Security Row
Rikesh Sen Security Row: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा और उनकी हत्या की कथित साजिश को लेकर राजनीति चरम पर पहुंच गई है। विधायक द्वारा सार्वजनिक मंच से अपनी जान को खतरा बताने के बाद अब विपक्षी दल कांग्रेस भी इस मामले में आक्रामक रुख अपनाए हुए है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को प्रदेश की कानून व्यवस्था से जोड़ते हुए पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
पूरे विवाद की शुरुआत 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर हुई, जब विधायक रिकेश सेन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपनी हत्या की साजिश रची जाने की बात कहकर सबको चौंका दिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव के पास एक ‘पीली फाइल’ है, जिसमें उन साजिशकर्ताओं के नाम दर्ज हैं जो विधायक को रास्ते से हटाना चाहते हैं। रिकेश सेन ने एक वीडियो भी सार्वजनिक किया था, जिसमें जयप्रकाश यादव उक्त फाइल के साथ नजर आ रहे थे। विधायक का कहना है कि इस खुलासे के बाद से उनका पूरा परिवार मानसिक तनाव और सदमे में है।
विधायक रिकेश सेन ने साजिश के तरीकों को लेकर बेहद डरावने दावे किए हैं। उनके अनुसार, उन्हें किसी के जन्मदिन के बहाने केक में जहर मिलाकर खिलाने या भोजन पर बुलाकर मौत के घाट उतारने की योजना बनाई गई थी। इतना ही नहीं, साजिशकर्ता उनकी हत्या को एक सामान्य सड़क दुर्घटना का रूप देने की तैयारी में थे। विधायक ने यह भी बताया कि उन्हें झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की भी कोशिश की गई। पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव ने उन्हें फोन कर अकेले घर से बाहर न निकलने और किसी के यहां भोजन न करने की चेतावनी दी थी।
इस मामले को लेकर अब कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। भिलाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने सुपेला थाने पहुंचकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस का तर्क है कि विधायक द्वारा इतने गंभीर आरोप लगाए जाने के एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने अब तक साजिशकर्ताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं और न ही उस ‘पीली फाइल’ की गहन जांच की गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि यदि प्रदेश का एक सत्तारूढ़ विधायक सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
इस पूरे मामले का एक पहलू धोखाधड़ी के केस से भी जुड़ा है। भाजपा के पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव पर नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 16 लाख रुपए की ठगी का आरोप है। उन पर सब-इंस्पेक्टर, स्टाफ नर्स और चपरासी जैसे पदों पर भर्ती के नाम पर पैसे लेने का मामला 11 फरवरी को दर्ज हुआ था। शुरुआत में जयप्रकाश ने इन आरोपों के लिए विधायक रिकेश सेन को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन बाद में उन्होंने अचानक पाला बदलते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया और विधायक के समर्थन में ‘पीली फाइल’ का जिन्न बाहर निकाल दिया।
भिलाई की यह सरगर्मी छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में भी दिखाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने शून्यकाल के दौरान सदन में इस मुद्दे को उठाया। बघेल ने कहा कि उन्होंने स्वयं रिकेश सेन से चर्चा की है और विधायक अपनी सुरक्षा को लेकर वास्तव में चिंतित हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सत्तापक्ष का विधायक ही जब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो सरकार को इस पर आधिकारिक बयान देकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि शासन स्तर पर इस मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। भिलाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक साजिशकर्ताओं की पहचान नहीं होती और विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। अब सभी की नजरें उस ‘पीली फाइल’ की जांच और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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