RAF Fairford Case : ब्रिटेन में रॉयल एयर फोर्स (RAF) के फेयरफोर्ड एयरबेस के पास हुई घटना की जांच के बीच दो ब्रिटिश नागरिकों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत आरोप लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय नौमान एस्सघिर और 24 वर्षीय मोहम्मद अहमद अब्दुलकरीम लंदन के रहने वाले हैं। दोनों को इस सप्ताह अदालत में पेश किया जाना था। यह मामला 27 सितंबर 2026 को एयरबेस के आसपास हुई संदिग्ध गतिविधि से जुड़ा है।

विदेशी खुफिया सेवा की मदद का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुलकरीम पर कथित तौर पर किसी विदेशी खुफिया सेवा की सहायता करने का आरोप है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी पुलिस इकाई के प्रमुख लॉरेंस टेलर के हवाले से कहा गया कि इस मामले में ईरान से संभावित संबंध की आशंका जताई गई है। हालांकि, ईरान ने इस घटना में अपनी भूमिका होने से इनकार किया है। फिलहाल आरोपों और कथित विदेशी संपर्क की जांच जारी है। आरोप लगाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत में किसी की दोषसिद्धि हो चुकी है।

एयरबेस के पास तीन वैन में पहुंचे थे पांच लोग
दी गई जानकारी के अनुसार, 27 सितंबर को पांच लोगों को तीन वैन में एयरबेस की ओर आते समय गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद ग्लॉस्टरशायर में एयरबेस के आसपास रहने वाले लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच तेज कर दी। शुरुआती गिरफ्तारी के बाद एस्सघिर को जमानत पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन पिछले सप्ताह उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया। अब्दुलकरीम की गिरफ्तारी भी बीते सप्ताह हुई बताई गई है।
अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में छह अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें पुलिस जमानत पर छोड़ दिया गया। अक्टूबर की शुरुआत में ईरानी-ब्रिटिश दोहरी नागरिकता रखने वाले एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में पुलिस जमानत मिल गई। इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि जांच केवल दो आरोपितों तक सीमित नहीं है। हालांकि, अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों की स्थिति और उनकी कथित भूमिका के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
ईरान पर संदेह, तेहरान ने आरोप नकारे
ब्रिटिश अधिकारियों ने मामले में ईरान से संभावित संबंध की आशंका जताई है, जबकि तेहरान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में इस घटना को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं। कुछ बयानों में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से कथित संबंध की बात भी कही गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

अमेरिकी B-1 बमवर्षकों को एयरबेस से हटाया गया
घटना के बाद अमेरिका ने RAF फेयरफोर्ड से अपने 12 B-1 बमवर्षक विमानों को हटा लिया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इन विमानों का इस्तेमाल ईरान पर अमेरिकी हमलों में किया गया था। संदिग्ध गतिविधि, विदेशी खुफिया सेवा की कथित भूमिका और सैन्य ठिकाने की सुरक्षा को लेकर मामला संवेदनशील बना हुआ है। अब जांच और अदालत की कार्यवाही से यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों के समर्थन में क्या साक्ष्य सामने आते हैं।

