Bhopal Teacher Protest : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। नीलम पार्क में चल रहे इस आंदोलन का आज चौथा दिन है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भोपाल पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार शिक्षक भर्ती में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाकर अधिक योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दे।
पदवृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती 2025 में उपलब्ध पद उनकी अपेक्षा के मुकाबले काफी कम हैं। उनका दावा है कि करीब 8,721 पदों की आवश्यकता है, लेकिन सरकार की ओर से केवल 2,901 पदों पर भर्ती की गई और प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया। अभ्यर्थियों के अनुसार बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार अभी भी वेटिंग में हैं और नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
नीलम पार्क में पुलिस बल तैनात
अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नीलम पार्क में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की पर्याप्त तैनाती की गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत रखा गया है। फिलहाल अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।
वर्ग-1 के वेटिंग अभ्यर्थी भी करेंगे प्रदर्शन
शिक्षक भर्ती से जुड़े वर्ग-1 के पुराने वेटिंग अभ्यर्थियों ने भी आंदोलन में शामिल होने की तैयारी की है। वर्ष 2023 में हुई शिक्षक भर्ती के एक हजार से अधिक वेटिंग उम्मीदवार आज सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने वाले हैं। इन अभ्यर्थियों की भी मांग है कि रिक्त पदों के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए और लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को राहत दी जाए।
सरकार को आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इसी वजह से उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने का रास्ता चुना है।
नवंबर 2025 से अलग-अलग चरणों में आंदोलन
शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी नवंबर 2025 से अलग-अलग चरणों में आंदोलन कर रहे हैं। जनवरी से जुलाई के बीच भोपाल में धरना, प्रदर्शन और भूख हड़ताल जैसे विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए। कुछ अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर विरोध जताया, जबकि मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर भी अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
21 अगस्त से जारी है नया धरना
अभ्यर्थियों के अनुसार 21 अगस्त से नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए महिला और पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं। कई प्रदर्शनकारी अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर धरना स्थल पर पहुंचे हैं। इससे आंदोलन की गंभीरता और अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी सामने आ रही है।
भोपाल में बना नया ‘जंतर-मंतर’
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी नीलम पार्क को अपने आंदोलन का केंद्र बता रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह बिहार के पटना स्थित गर्दनीबाग में लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन होते रहे हैं, उसी तरह भोपाल का नीलम पार्क भी अब अभ्यर्थियों के लिए आंदोलन का प्रमुख स्थल बन गया है। यहां विभिन्न जिलों से आए उम्मीदवार अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।
नरेंद्र राजपूत ने शुरू किया अनशन
आंदोलन के दौरान अब अनशन भी शुरू हो गया है। नीलम पार्क में नरेंद्र राजपूत अन्न-जल त्यागकर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से अभी तक बातचीत के लिए कोई प्रतिनिधि धरना स्थल पर नहीं पहुंचा है। इस स्थिति को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सरकार पर बेरोजगारों की अनदेखी का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि सरकार बेरोजगार युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उनका कहना है कि शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग पूरी तरह जायज है और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और अभ्यर्थियों के साथ संभावित बातचीत पर टिकी है।
आंदोलन के आगे बढ़ने के संकेत
शिक्षक अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। यदि सरकार की ओर से जल्द कोई पहल नहीं होती है तो प्रदर्शनकारी आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल का यह शिक्षक भर्ती आंदोलन और तेज होने की संभावना है।
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