AI Video Viral :
AI Video Viral : छत्तीसगढ़ की राजनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक कथित ‘डीपफेक’ या AI जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें उनकी पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया के साथ आपत्तिजनक या भ्रामक संदर्भ में दिखाया गया है। जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। कांग्रेस पार्टी ने इसे उनकी छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
वीडियो के वायरल होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। भिलाई नगर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कांग्रेसियों ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने एकजुट होकर जिले के 8 अलग-अलग थानों में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि यह कृत्य न केवल एक जननेता का अपमान है, बल्कि यह तकनीक का इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करने का एक निकृष्ट प्रयास है। कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
जांच में सामने आया है कि यह विवादित फुटेज इंस्टाग्राम के ‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़’ नाम के अकाउंट से साझा किया गया था। जैसे ही मामला पुलिस तक पहुँचा और विवाद बढ़ा, संबंधित इंस्टाग्राम पेजों को प्रतिबंधित (बैन) कर दिया गया है। पुलिस ने इन आईडी होल्डर्स के खिलाफ प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। हालांकि, वीडियो को हटाने से पहले यह काफी संख्या में लोगों द्वारा देखा और शेयर किया जा चुका था, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
भिलाई नगर पुलिस ने इस डिजिटल अपराध को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं को आश्वासन मिला है कि तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से वीडियो बनाने वाले और इसे पहली बार अपलोड करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। साइबर सेल की टीम उन आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही है, जिनके जरिए इस भ्रामक सामग्री को फैलाया गया।
इस विवाद में केवल राजनीतिक पहलू ही नहीं, बल्कि महिला गरिमा का प्रश्न भी जुड़ा है। राज्य महिला आयोग ने वीडियो में महिला अधिकारी के संदर्भ को देखते हुए मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि इस तरह के कृत्य से किसी भी महिला की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यह मामला अब केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह डिजिटल युग में प्राइवेसी और सम्मान की रक्षा के लिए एक बड़ी बहस का मुद्दा बन गया है।
दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में सोमवार को जिले के विभिन्न इलाकों जैसे जामगांव आर, कुम्हारी, भिलाई-3, धमधा और अंडा में प्रदर्शन किए गए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव के समय या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में इस तरह के ‘फेब्रिकेटेड’ वीडियो का सहारा लेना लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होगी। फिलहाल, पुलिस की टीमें साइबर सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं।
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