CG Congress Protest
CG Congress Protest: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राजनीतिक तापमान उस वक्त बढ़ गया जब कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा का नाम बदलने और घरेलू गैस सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों के खिलाफ विधानसभा घेराव का आह्वान किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया; एक कार्यकर्ता ने प्रतीकात्मक रूप से नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाई, जो केंद्र सरकार के पुराने बयानों पर एक तीखा तंज था। भारी संख्या में जुटे कांग्रेसियों ने जब बैरिकेड्स तोड़कर विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश की, तो पुलिस प्रशासन को उन्हें रोकने के लिए लोहे के टीन शेड और वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।
इस विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत जैसे दिग्गज नेताओं ने किया। कार्यकर्ताओं के जोश को बढ़ाते हुए सचिन पायलट ने कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस गरीब और मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगी। नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का स्वरूप बिगाड़कर गरीबों के हक पर डाका डाल रही है। विधानसभा के घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भविष्य का रोडमैप साझा किया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ घोषणा की कि 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी। बघेल ने आगे कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उन्होंने वादा किया कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार आते ही मनरेगा की मजदूरी राशि को डेढ़ गुना बढ़ा दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके और पलायन को रोका जा सके।
भूपेश बघेल ने मनरेगा योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की दूरदर्शी सोच का परिणाम था। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का मानना था कि गरीबों को भी सम्मानपूर्वक जीवन जीने और रोजगार पाने का कानूनी अधिकार है। बघेल ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भगवा दल ने इस योजना का नाम और स्वरूप बदलकर गरीबों का हक छीनने का काम किया है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर ग्रामीण विकास की नींव पर हमला करार दिया।
महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए भूपेश बघेल ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी के लिए गैस सिलेंडर खरीदना भी दूभर हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्होंने ‘पनौती’ शब्द का इस्तेमाल किया और तंज कसा कि उनके दौरे अक्सर संकट लेकर आते हैं। बघेल ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पहलगाम दौरे के समय आम नागरिकों की हत्या हुई और उनके इजरायल दौरे के साथ ही वैश्विक युद्ध जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है, जबकि जनता महंगाई से त्रस्त है।
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