Bhupesh Baghel : शराब, कोयला और महादेव सट्टा ऐप घोटाले सहित कई मामलों में नाम सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई होगी। भूपेश बघेल ने अपनी याचिका में जांच एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र और शक्तियों को चुनौती दी है।

अग्रिम जमानत के लिए की गई याचिका में क्या है मांग?
याचिका में भूपेश बघेल ने कहा है कि उन्हें गिरफ्तारी से बचाया जाए और जांच में सहयोग करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव और द्वेष के तहत की गई थी, जिससे उन्हें भी निशाना बनाए जाने का डर है। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई की आशंका जताई है।

चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर भी होगी सुनवाई
पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई है, जिस पर आज सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि न तो चैतन्य का नाम ईडी की FIR में है और न ही किसी के बयान में। इसके बावजूद उन्हें राजनीतिक कारणों से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल चैतन्य न्यायिक हिरासत में हैं।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट में बहस
भूपेश बघेल की याचिका और बेटे की जमानत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई ऐसे समय में हो रही है जब राजनीतिक हलकों में इस केस को लेकर चर्चा जोरों पर है। कोर्ट के फैसले से प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे की गिरफ्तारी से बचाव के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के बाद आज उनकी याचिकाओं पर सुनवाई होगी। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों ही दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है, जो आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगा।










