Chhattisgarh Politics : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर दौरे के दौरान भाजपा और आरएसएस (RSS) पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जिस तरह महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को लूटा था, ठीक उसी तर्ज पर आज कुछ संगठन राम मंदिर के नाम पर लूट मचा रहे हैं। उन्होंने “राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट” वाली कहावत का जिक्र करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। बघेल ने स्पष्ट किया कि ‘कका’ का तेवर बरकरार है और अब कांग्रेस आगामी समय में सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।

महंगाई और पेट्रोल-डीजल पर सरकार को घेरा
बिलासपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अधिक थीं, तब सरकार कंपनियों के नुकसान का रोना रोती थी, लेकिन अब कीमतें कम होने पर मुनाफे का हिसाब जनता को क्यों नहीं दिया जा रहा? उन्होंने बेरोजगारी, आर्थिक चुनौतियों और महंगाई को देश के प्रमुख मुद्दे बताते हुए कहा कि सरकार इन वास्तविक सवालों से ध्यान भटकाने के लिए अन्य विषयों का सहारा ले रही है।

बिजली बिल और कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप
प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार पर बरसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली की दरें बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय ने सीधे तौर पर किसानों और आम जनता पर बोझ डाला है। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। बघेल ने कहा कि प्रदेश में हत्या, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएं चरम पर हैं। उन्होंने जेलों के भीतर हो रही हत्याओं और रेत माफियाओं के बेलगाम होने का जिक्र करते हुए गृह विभाग की विफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
खाद की कालाबाजारी और किसानों की बदहाली
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए बघेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खाद की भारी किल्लत है। सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं है, लेकिन निजी बाजार में वही खाद ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि किसानों से निर्धारित मूल्य से 200 से 700 रुपये तक अतिरिक्त वसूली की जा रही है, जो सरकार के संरक्षण में चल रही कालाबाजारी का परिणाम है। साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन के दावों को खोखला बताया और कहा कि जमीनी स्तर पर जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
शिक्षा व्यवस्था और राहुल गांधी पर टिप्पणी
बघेल ने राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूल खुलने के बाद भी बच्चों के पास न तो किताबें हैं, न ड्रेस और न ही पर्याप्त शिक्षक। उन्होंने इसे भविष्य के साथ क्रूर मजाक बताया। साथ ही, राहुल गांधी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा उनसे डरती है और उनकी छवि बिगाड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। अंत में, उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी अब किसी एक चेहरे के बजाय सामूहिक नेतृत्व में काम करेगी, जिसमें चरणदास महंत और दीपक बैज जैसी प्रमुख हस्तियां जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
Read More : MGNREGA Strike : छत्तीसगढ़ में मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल, 2 जुलाई से ग्रेड-पे और सामाजिक सुरक्षा की मांग











