रायपुर@thetarget365 : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्रवाई पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सात साल पुराने केस में, जिसमें मैंने गिरफ्तारी तक दी थी जब उस केस में कोर्ट ने मुझे सीबीआई के आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया तो अब नया खेल शुरू किया गया है। पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनना और पंजाब का प्रभारी बनना, इन लोगों को खटक रहा है। इसलिए बदले की भावना से कार्यवाही कर रहे लेकिन हम डरने और झुकने वालों में से नहीं है। उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
भूपेश बघेल ने कहा कि महादेव सट्टा एप के मामले में ईडी ने केस ईओडब्ल्यू को सौंपा, ईओडब्ल्यू ने सीबीआई को सौंपा। 18 दिसंबर 2024 को एफआईआर हुई थी, अब पब्लिक में लाया गया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास इसके खिलाफ कोई कानून नहीं है। 1867 गेमिंग एक्ट अंग्रेजों के समय का है। हमारी सरकार ने इस मामले में कानून बनाया, हमारे खिलाफ ही बदले की भावना से कार्यवाही कर दिया। उन्होंने पूछा कि क्या ऑनलाइन गेमिंग को सरकार लीगल मानती है या इनलीगल? लीगल है तो प्रोडक्शन मनी का कोई सवाल नहीं और इनलीगल है तो अभी तक कैसे चल रहा है?
उन्होंने कहा कि ठीक चुनाव के पहले नवंबर में शुभम सोनी का वीडियो भाजपा कार्यालय से जारी किया जाता है। उन्होंने पूछा कि अगर शुभम सोनी के द्वारा यह वीडियो बनाया गया है तो भाजपा ने इसे सार्वजनिक कैसे किया? शुभम सोनी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि हमने कानून बनाया, हमने एफआईआर किया तो फिर प्रोडक्शन मनी की बात क्यों? सीबीआई की एफआईआर में मेरा नाम छठवें नंबर पर है। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का नाम मेरे बाद है।
पूर्व सीएम बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दे रहे है। इनकी मंशा है कि इस मामले में मुझे गिरफ्तार किया जाए, मुझे इसका कोई डर नहीं है। दिल्ली जा रहा हूं अपने नेताओं को इससे अवगत कराऊंगा, वकीलों से बात करूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर सीबीआई से किया सवाल कि यदि महादेव सट्टा ऐप के मामले में आरोपी शुभम सोनी के आरोप मुझ पर एफआईआर हो सकती है तो मैं भी आरोप लगा रहा हूं कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के संरक्षण में महादेव ऐप चल रहा है क्या सीबीआई इस पर जांच और कार्यवाही करेगी?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ लगातार उनकी सरकार ने कार्रवाई की। महादेव सट्टा के मामले में लगभग 74 से अधिक एफआईआर, 200 से अधिक गिरफ्तारी और 60 से अधिक गैजेट्स मोबाइल, लैपटॉप और 2000 से अधिक बैंक खाता सीज किए गए। इस मामले में ईडी ने अपना काम किया। उसके बाद सरकार बदली तो मामले को एसीबी को सौंप दिया गया। इसके बाद एसीबी ने सीबीआई को यह मामला सौंप दिया, लेकिन इस मामले में जांच किसी ने नहीं की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जब-जब मोदी और शाह का छत्तीसगढ़ दौरा हुआ, उसके पहले सीबीआई और ईडी का दौरा हो जाता है। अभी प्रधानमंत्री आए, उसके पहले सीबीआई की रेड पड़ी। 40-50 जगह पर सीबीआई की रेड पड़ी। अब अमित शाह आ रहे हैं। 18 दिसंबर साल 2024 की एफआईआर को पब्लिक डोमेन में कल भेजा गया। यह मोगैंबो को खुश हुआ, उसी तर्ज पर यह काम किया जा रहा है। मोगैंबो को खुश करना है।
PM Modi in Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अत्यंत लोकप्रिय और विख्यात…
Takes Charge as CDS : भारतीय रक्षा क्षेत्र और सैन्य नेतृत्व में आज एक नए…
Sonarpur Attack : पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने…
IPL 2026 Final Match : आईपीएल 2026 के रोमांचक सफर में पूरे 70 लीग मैच,…
Viral video : इन दिनों विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक बेहद ही अजीबोगरीब और…
Modern Kiwi Farming : भारत के कृषि क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से एक बड़ा…
This website uses cookies.