Bhupesh Baghel statement: स्वतंत्रता दिवस से पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा और उसके नेताओं पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा द्वारा मनाए जा रहे विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत के विभाजन के पीछे हिंदू महासभा के अध्यक्ष विनायक दामोदर सावरकर और मुस्लिम लीग की साजिश थी।

भाजपा पर विभाजन की साजिश का आरोप
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सावरकर और मुस्लिम लीग ने मिलकर भारत के विभाजन की रूपरेखा तैयार की और अंग्रेजों के साथ मिलकर ‘फूट डालो, राज करो’ की राजनीति को अंजाम दिया। इसके कारण ही भारत और पाकिस्तान अलग-अलग देश बने। “आज वही लोग तिरंगा यात्रा निकालकर देशभक्ति का दिखावा कर रहे हैं, जबकि 52 साल तक आरएसएस के कार्यालय में तिरंगा तक नहीं फहराया गया। उन्होंने संविधान को कभी नहीं माना और तिरंगे का विरोध किया।”

अमित शाह के बयान पर सवाल
भूपेश ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अमित शाह ने आजादी की लड़ाई में क्या भूमिका निभाई है। साथ ही उन्होंने अरुणाचल प्रदेश और मानिकपुर के बिगड़े हालातों को लेकर सरकार से जवाब मांगा कि वहां की समस्याएं कब सुलझेंगी।
वोट चोरी मामले में भाजपा खुद को घेर रही
भूपेश बघेल ने कांग्रेस के वोट चोरी आंदोलन पर भाजपा के नेताओं के बयानों को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा,”जो सोया है उसे जगाया जा सकता है, लेकिन जो सोने का बहाना करता है उसे नहीं उठाया जा सकता। भाजपा के अनुराग ठाकुर ने भी गड़बड़ी की बात स्वीकार की है।” उन्होंने दावा किया कि भाजपा खुद मान रही है कि वोट चोरी हो रही है और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भी नकली वोटों की संख्या हजारों में है।
चुनावी धोखाधड़ी और न्याय व्यवस्था पर सवाल
भूपेश ने छत्तीसगढ़ में वोट चोरी की गंभीरता को बताते हुए कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में हजारों नकली वोट मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है, जिसे भाजपा नजरअंदाज नहीं कर सकती।
कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
बलौदाबाजार में मंत्री टंकराम के भतीजे की मारपीट को लेकर भूपेश ने कहा कि देश में कानून आम जनता के लिए अलग और सत्ताधारियों के लिए अलग है। उन्होंने पुलिस से कहा कि FIR की कॉपी सार्वजनिक करें और आरोपी को कानून के सामने पेश करें। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यह हमला भाजपा के प्रति तीव्र है, जिसमें उन्होंने विभाजन, वोट चोरी, कानून व्यवस्था और आजादी की लड़ाई जैसे अहम मुद्दों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि भाजपा इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है और वर्तमान में भी संवैधानिक मूल्यों व लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रही है। यह बयान आगामी चुनावी माहौल और राजनीतिक विवादों को और गरमाएगा। जनता के बीच इन मुद्दों पर बहस और चर्चा तेज होगी, खासकर स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर।











