Mahtari Vandan Yojana : छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में महतारी वंदन योजना के आवेदन लेने की प्रक्रिया को लेकर बस्तर संभाग में ऑफलाइन आवेदन शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 11 अगस्त को दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और कांकेर जिलों के कलेक्टर और अधिकारियों को दिया गया है। बस्तर में ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया कब से? निर्देश के अनुसार, बस्तर संभाग के नियद नेल्लानार क्षेत्र में योजना के छूटे हुए हितग्राहियों के लिए आवेदन फॉर्म ऑफलाइन तरीके से 15 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक भरे जाएंगे। इससे पहले, इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन का विकल्प उपलब्ध था, लेकिन छूटे हुए लाभार्थियों को ऑफलाइन अवसर देने का यह कदम सरकार का विशेष प्रयास माना जा रहा है। कांग्रेस का आरोप: अन्य संभागों की महिलाएं बाहर कांग्रेस नेताओं ने इस निर्णय पर नाराजगी जताई है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने सवाल उठाया कि अगर बस्तर संभाग में आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन शुरू हो रही है, तो रायपुर, दुर्ग, सरगुजा और बिलासपुर संभाग की महिलाएं क्यों इंतजार कर रही हैं? उन्होंने इसे अन्य संभागों की महिलाओं के साथ भेदभाव बताया और कहा: “यह भाजपा सरकार का दोहरा चरित्र है। सभी संभागों की महिलाओं को समान अवसर मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।” भाजपा की प्रतिक्रिया: कांग्रेस को बस्तर की महिलाओं की खुशी नापसंद वहीं, भाजपा के प्रवक्ता दीपक उज्जवल ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को बस्तर की महिलाओं की खुशियों से हमेशा दिक्कत रही है। “महतारी वंदन योजना के तहत जिन महिलाओं का नाम छूट गया था, उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सुशासन सरकार में अब मौका दिया जा रहा है। कांग्रेस को अपनी पिछली नीतियों पर भी नजर डालनी चाहिए, जब वे सत्ता में थे तो आदिवासी बहनों के लिए क्या किया।” उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार आदिवासी महिलाओं के लिए योजनाओं को मजबूती से लागू कर रही है और यही वजह है कि कांग्रेस को हर छोटे-से-छोटा कदम रास नहीं आता। महतारी वंदन योजना क्या है? महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य माताओं और महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह योजना खासकर ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने पर केंद्रित है। योजना के तहत महिलाओं को विभिन्न सामाजिक और आर्थिक लाभ दिए जाते हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। महतारी वंदन योजना के आवेदन प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार और कांग्रेस के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप से स्पष्ट होता है कि विकास योजनाओं का क्रियान्वयन राजनीति की जद में है। जबकि सरकार का दावा है कि वह सभी महिलाओं तक योजनाओं को पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है, वहीं विपक्ष इसे भेदभाव और पक्षपात बताकर सवाल उठा रहा है। आगे यह देखना होगा कि रायपुर, दुर्ग, सरगुजा और बिलासपुर संभाग की महिलाएं कब तक ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगी और क्या सरकार उनकी मांगों को ध्यान में रखेगी। Read More : Bhupesh Baghel statement: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भाजपा पर तीखा हमला, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर किया बड़ा खुलासा
















