Conversion In Mainpat : सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम केसरा निवासी और धर्म रक्षा समिति के खंड संयोजक दिलवर यादव की शिकायत पर कमलेश्वरपुर पुलिस ने ग्राम सरभंजा की महिला आरती मांझी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। उस पर आरोप है कि वह नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर और पैसों का लालच देकर चर्च ले जाकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रही थी।

जानकारी मुताबिक, रविवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे आरती मांझी गांव के मांझी परिवार की छः नाबालिग बालिकाओं को बरिमा चर्च बतिस्मा (बपतिस्मा) कराने के लिए लेकर जा रही थी। इस पूरे मामले की भनक बच्चियों के परिजनों को तक नहीं थी। जब इसकी जानकारी ग्रामीणों और धर्म रक्षा समिति को लगी, तो समिति के पदाधिकारी हेमंत गुप्ता, जितेश गुप्ता, मुकेश गुप्ता और आकाश गुप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ उक्त महिला को पकड़ लिया। इस दौरान बच्चियों के साथ महिला की घटना से संबंधित वीडियो भी बनाई गई।

बालिकाओं के परिजनों ने भी पुलिस को बयान देकर आरती मांझी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उक्त महिला उनकी बच्चियों को प्रलोभन देकर चर्च ले जा रही थी ताकि उनका धर्म परिवर्तन कराया जा सके। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला आरती मांझी के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 5(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता दिलवर यादव ने कहा कि मैनपाट क्षेत्र में भोले-भाले आदिवासी परिवारों के बच्चों को बहलाकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी महिला से पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद से मैनपाट क्षेत्र में धर्मांतरण का मुद्दा गरमा गया है और ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल है।










