Bihar Election 2025: बिहार में चुनावी माहौल गरम हो चुका है। सभी राजनीतिक दल सत्ता के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं। लेकिन इस बार चुनावी मैदान में एक अनोखी और प्रेरणादायक कहानी भी सामने आई है। किशनगंज के छोटे से इलाके से आने वाले गैस डिलीवरी बॉय छोटेलाल महतो ने चुनाव लड़ने का फिर से मन बना लिया है। यह युवा पिछले 20 वर्षों से बिहार की लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
छोटेलाल महतो का सपना है कि वे सांसद या विधायक बनें और समाज की सेवा कर सकें। उन्होंने पहली बार 2000 में विधानसभा चुनाव लड़ने की कोशिश की थी, जब उनकी उम्र महज 23 साल थी। उस समय उनका नामांकन उम्र के कारण रद्द कर दिया गया था। लेकिन हार मानने वाले नहीं थे छोटेलाल। इसके बाद उन्होंने नगर पालिका चुनाव में नामांकन दाखिल किया, हालांकि वह चुनाव भी हार गए।
2004 से लेकर अब तक छोटेलाल लगातार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाग लेते रहे हैं। हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। बिहार के मशहूर नेता ‘बॉर्डर गांधी’ तस्लीमुद्दीन और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन जैसे दिग्गज नेताओं के खिलाफ भी उन्होंने चुनाव लड़ा है।
चुनाव आयोग द्वारा बिहार में दो चरणों में विधानसभा चुनाव की तारीखें 6 और 11 नवंबर घोषित होने के बाद छोटेलाल ने फिर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। मीडिया से बातचीत में छोटेलाल ने कहा कि इस बार उन्हें जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है और उन्हें जीत का भरोसा है। उनका कहना है, “मैं लोगों के बीच रोज़ाना जाता हूं, घर-घर जाकर गैस सिलेंडर पहुंचाता हूं। स्थानीय लोग ऐसे नेता चाहते हैं जो उनके करीब हों। इसलिए इस बार मेरी जीत तय है।”
छोटेलाल महतो न केवल चुनाव लड़ते हैं बल्कि एक आम इंसान की तरह जीवन व्यतीत करते हैं। उनकी पत्नी छोटे की मदद करती हैं और बकरियां, मुर्गियां, और अंडे बेचकर परिवार का खर्च चलाती हैं। छोटेलाल की यही सादगी और जनता के करीब रहने का तरीका उन्हें खास बनाता है। उनका मानना है कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग ऐसे नेताओं को तरजीह देते हैं जो उनकी वास्तविक समस्याओं को समझते हों।
छोटेलाल महतो की कहानी बिहार चुनाव में एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है। जब बड़े-बड़े नेता और राजनीतिक दल चुनावी लड़ाई में व्यस्त होते हैं, तब यह गैस डिलीवरी बॉय अपनी मेहनत और लगन से चुनावी मैदान में अपनी छाप छोड़ रहा है। उनकी लगन, दृढ़ता और जनता से जुड़ाव इस बार उन्हें जीत की ओर ले जाने वाला मजबूत आधार साबित हो सकता है।
बिहार चुनाव 2025 में छोटेलाल महतो का नाम एक प्रेरणा स्रोत बन गया है। जो लड़ाई 20 सालों से हार-जीत के बीच चल रही है, इस बार जीत की उम्मीदों को और बल मिल रहा है। जनता के दिलों में जगह बनाने वाला यह गैस डिलीवरी बॉय साबित कर सकता है कि राजनीतिक सफर में जुनून और मेहनत से बड़ी कोई ताकत नहीं होती। बिहार के इस युवा नेता की कहानी देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Read more : Bihar Assembly Elections 2025: NDA ने सीट शेयरिंग का किया ऐलान, बीजेपी-जदयू बराबरी पर, चिराग को 29 सीटें
Cockroach Strength : साल 2008 में आई हॉलीवुड की मशहूर एनिमेटेड फिल्म 'वॉल-ई' (Wall-E) में…
Alka Lamba Convicted : दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की…
Cockroach Janta Party : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकान्त के एक मौखिक बयान से…
Padma Awards : देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों को लेकर नई…
Khairagarh News : छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने…
IPL 2026 Controversy : क्रिकेट की दुनिया के दो दिग्गज खिलाड़ियों, भारत के रन-मशीन विराट…
This website uses cookies.