Bihar Elections 2025: बिहार की लोकगायिका और मिथिला संस्कृति की पहचान बन चुकी मैथिली ठाकुर ने आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। मंगलवार शाम को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ ही 2025 विधानसभा चुनाव से पहले दरभंगा की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी उन्हें अलीनगर विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है।

मैथिली ठाकुर की राजनीति में एंट्री
मैथिली ठाकुर की राजनीति में आने की अटकलें तब से लगाई जा रही थीं जब उन्होंने 5 अक्टूबर को बीजेपी के संगठन महासचिव विनोद तावड़े से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद तावड़े ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा था कि “1995 में लालू राज के समय जो परिवार बिहार छोड़ गए थे, अब वही परिवार की बेटी बदलते बिहार को देखकर लौटना चाहती है।” इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में मैथिली ठाकुर की बीजेपी जॉइनिंग की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी थीं।

अलीनगर से मिल सकता है टिकट
जानकारी के मुताबिक, अलीनगर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक मिश्रीलाल यादव का टिकट कटना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में पार्टी इस सीट से मैथिली ठाकुर को मैदान में उतार सकती है। दरभंगा जिले की यह सीट ब्राह्मण, यादव और मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या के चलते राजनीतिक रूप से अहम मानी जाती है। मैथिली ठाकुर की लोकप्रियता और सोशल मीडिया प्रभाव को देखते हुए, बीजेपी उन्हें चुनावी प्रचार का चेहरा भी बना सकती है।
मिथिला संस्कृति की प्रतीक
मैथिली ठाकुर का नाम आज सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में लोक संगीत और मिथिला संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए जाना जाता है। उनके पिता रमेश ठाकुर और माता भारती ठाकुर खुद संगीत शिक्षक हैं। मैथिली ने क्लासिकल म्यूजिक में प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वे हिंदी, भोजपुरी, मैथिली सहित कई भाषाओं में गा चुकी हैं। उनके साथ उनके दो भाई भी संगीत में सक्रिय हैं और पूरा परिवार सोशल मीडिया पर अपने संगीत वीडियो के लिए प्रसिद्ध है।
सोशल मीडिया पर जबरदस्त फॉलोइंग
मैथिली ठाकुर की सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाखों लोग उनके फोलोअर्स हैं। बीजेपी को उम्मीद है कि मैथिली का यह डिजिटल प्रभाव चुनाव में युवाओं और सांस्कृतिक वोटबैंक को जोड़ने में मदद करेगा।
मैथिली ठाकुर का बीजेपी में शामिल होना पार्टी की मिथिलांचल रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अगर उन्हें अलीनगर से टिकट मिलता है, तो यह मुकाबला बिहार चुनाव 2025 में काफी दिलचस्प हो सकता है। बीजेपी लोकगायिका की लोकप्रियता को भुनाकर क्षेत्रीय और सांस्कृतिक भावनाओं को जोड़ने की कोशिश में है।
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