Bihar Teacher Transfer : बिहार में शिक्षकों के तबादले और पदस्थापना (ट्रांसफर-पोस्टिंग) की नीति को लेकर चल रही सियासी सुगबुगाहटों के बीच सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बेहद कड़ा और दोटूक बयान जारी किया है। मुख्यमंत्री कैमूर जिले में आयोजित एक जन-कल्याणकारी ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। इस भव्य मंच से जनता और सरकारी अमले को संबोधित करते हुए उन्होंने बेहद तीखे और सख्त लहजे में शिक्षकों को चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों की हर जायज सुख-सुविधाओं और अधिकारों का पूरा ख्याल रख रही है, लेकिन इसके बदले में सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर, उसकी गुणवत्ता और मासूम बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

‘ट्रांसफर जहां कराना है करा लीजिए, लेकिन स्कूल में पढ़ाना तो पड़ेगा’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन के दौरान व्यवस्था को सुधारने का संकल्प दोहराते हुए कहा, ‘आपको अपना ट्रांसफर जहां भी कराना है, करा लीजिए, सरकार उसमें मदद करेगी; लेकिन एक बात कान खोलकर सुन लीजिए कि स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाना तो हर हाल में पड़ेगा। अब शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का कोई भी बहाना बिल्कुल नहीं चलेगा।’ मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि सरकार आने वाले दिनों में उन शिक्षकों पर सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करने के मूड में है, जो ट्रांसफर के चक्कर में अपनी मूल जिम्मेदारी यानी अध्यापन कार्य से जी चुराते हैं।

कानून व्यवस्था पर कड़ा रुख: अपराधियों के खिलाफ 48 घंटे में होगा कड़ा एक्शन
शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने बिहार की कानून व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा को लेकर भी अपराधियों को खुली चुनौती दी। प्रदेश में बढ़ते अपराध ग्राफ पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए उन्होंने एक बड़ी घोषणा की। सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर राज्य में किसी भी असामाजिक तत्व या अपराधी ने कानून हाथ में लेने का दुस्साहस किया, या हमारी बहन-बेटियों की अस्मत के साथ खिलवाड़ या कोई गलत काम किया, तो पुलिस प्रशासन महज 48 घंटे के भीतर उसके खिलाफ त्वरित और सबसे कठोर एक्शन सुनिश्चित करेगी। सरकार अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।
सहयोग शिविरों के जरिए सरकारी योजनाओं का जनता को मिल रहा सीधा लाभ
अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी नागरिक सेवाओं को समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के उद्देश्य से दिन-रात काम कर रही है। इसी लोक-कल्याणकारी कड़ी में पूरे बिहार के अलग-अलग कोनों में ‘सहयोग शिविरों’ का आयोजन लगातार किया जा रहा है। सरकार के सफल प्रयासों का ही नतीजा है कि पूरे बिहार में इन सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक आए कुल 3,03,678 जन-शिकायत आवेदनों में से रिकॉर्ड 2,61,628 आवेदनों का त्वरित निपटारा (निष्पादन) किया जा चुका है, जो कि कुल प्राप्त आवेदनों का लगभग 90 प्रतिशत है।
मां मुंडेश्वरी धाम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन केंद्र के रूप में चमकाएगी सरकार
कैमूर की इस पावन धरती पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को और रफ्तार देने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों की करीब 60 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का रिमोट का बटन दबाकर एक साथ भव्य उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक मौके पर एक बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ऐतिहासिक और बेहद पूजनीय मां मुंडेश्वरी धाम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई जाएगी। क्षेत्र में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन गतिविधियों को वैश्विक बढ़ावा देने के लिए मुंडेश्वरी धाम परिसर में बहुत जल्द एक आधुनिक हेलीपैड और रोप-वे का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इस पूरे सीमावर्ती क्षेत्र के धार्मिक और बुनियादी पर्यटन विकास को एक नई गति देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि स्थानीय जनता को रोजगार और सरकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा सीधा फायदा मिल सके।
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