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SIR List Bihar: बिहार में SIR की फाइनल लिस्ट जारी: 65 लाख नाम हटाए गए, 14 लाख नए वोटर जुड़े, जानें पूरी प्रक्रिया

SIR List Bihar: बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2025 की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। चुनाव आयोग ने मंगलवार को SIR की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी, जिसमें अनुमानित तौर पर 7.3 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। खास बात यह है कि इस सूची में 14 लाख नए वोटर्स को जोड़ा गया है, जबकि पहली ड्राफ्ट लिस्ट से 65 लाख नाम हटा दिए गए थे।

क्या है SIR और क्यों हुआ?

SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ और अपडेट करना था। बिहार में यह प्रक्रिया 2003 के बाद पहली बार की गई। इसका मकसद था –

  • फर्जी वोटरों की पहचान

  • मृत मतदाताओं के नाम हटाना

  • स्थानांतरित और डुप्लिकेट वोटरों को हटाना

  • योग्य नए मतदाताओं को जोड़ना

यह कदम 2025-26 के चुनावों से पहले विश्वसनीय और पारदर्शी वोटर लिस्ट सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कब शुरू हुई थी SIR की प्रक्रिया?

  • 24 जून 2025 को SIR प्रक्रिया की शुरुआत हुई।

  • पहला चरण 25 जुलाई 2025 को समाप्त हुआ, जिसमें 99.8% कवरेज दर्ज की गई।

  • इसके तहत 7.89 करोड़ रजिस्टर्ड मतदाताओं से दोबारा फॉर्म-6 और फॉर्म-7 भरवाए गए।

  • 1 अगस्त 2025 को पहली ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई, जिसमें 65 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए थे।

क्यों हटाए गए 65 लाख नाम?

EC के आंकड़ों के मुताबिक, जिन 65 लाख लोगों के नाम हटाए गए, उनमें:

  • 22 लाख लोग मृत पाए गए।

  • 36 लाख लोग अपने पते पर नहीं मिले – यानी ये या तो स्थानांतरित हो चुके हैं या सूची में गलत जानकारी थी।

  • 7 लाख लोग स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर बस चुके हैं।

  • इसके अलावा, कुछ मामलों में डुप्लिकेट वोटर ID होने के कारण भी नाम हटाए गए।

कितने नए वोटर जुड़े?

चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार की फाइनल लिस्ट में करीब 14 लाख नए वोटर जोड़े गए हैं। इनमें बड़ी संख्या 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं की है, जिन्हें पहली बार मतदान का अधिकार मिला है। इसके अलावा, महिला और शहरी युवा मतदाताओं की संख्या में भी इजाफा देखा गया है।

आगे की तैयारियां

अब जबकि SIR की फाइनल लिस्ट जारी हो चुकी है, चुनाव आयोग की निगाहें 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में संभावित विधानसभा चुनावों पर टिकी हैं। इस फाइनल लिस्ट को आधार बनाकर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही, मतदाता जागरूकता अभियान और बूथ स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया भी आगे जारी रहेगी।

बिहार में SIR प्रक्रिया के जरिए चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को स्वच्छ, अद्यतन और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। 65 लाख नामों का हटना और 14 लाख नए वोटरों का जुड़ना इस बात का संकेत है कि आने वाले चुनावों में फर्जी वोटिंग पर रोक और सशक्त लोकतंत्र की ओर एक ठोस पहल हो चुकी है।

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