Bijapur Encounter
Bijapur Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से सुरक्षाबलों की एक बड़ी कामयाबी की खबर सामने आई है। गुरुवार को घने जंगली क्षेत्र में सर्चिंग पर निकले जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। बताया जा रहा है कि जंगलों में छिपे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को देखते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला। दोनों ओर से हुई घंटों की गोलीबारी के बाद सुरक्षाबलों ने 5 नक्सलियों को ढेर कर दिया। मौके से मारे गए नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस ऑपरेशन के बाद इलाके में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया गया है ताकि छिपे हुए अन्य नक्सलियों को पकड़ा जा सके।
नक्सलवाद के खिलाफ जारी इस महाअभियान में सुरक्षाबलों ने पिछले चार दिनों के भीतर नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। बीजापुर में चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों के 214 ठिकानों और बंकरों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। इस दौरान बरामद किए गए विस्फोटकों की खेप ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। अभियान में 450 जीवित आईईडी (IED), 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कोडेक्स और भारी मात्रा में डेटोनेटर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, जवानों ने करीब 12,000 किलोग्राम खाद्य सामग्री भी पकड़ी है, जिसे नक्सलियों ने जंगलों में लंबी लड़ाई लड़ने के लिए जमा कर रखा था।
केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद को पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए मार्च 2026 की समयसीमा निर्धारित की है। इस डेडलाइन के करीब आते ही सुरक्षाबलों ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाते हुए नक्सलियों के गढ़ में घुसकर प्रहार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत किया गया है। सरकार की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नक्सली या तो हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में शामिल हों, अन्यथा उन्हें खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
वर्तमान में चल रहे सघन अभियानों के केंद्र में प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के शीर्ष चार केंद्रीय समिति के सदस्य हैं। इन ‘मोस्ट वांटेड’ कमांडरों में मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, देवजी उर्फ कुंभा दादा, राममन्ना उर्फ गणपति और मल्लाह राजा रेड्डी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली है कि देवजी और उसका सहयोगी केसा सोढ़ी छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के आसपास सक्रिय हैं। इन 4 बड़े चेहरों समेत लगभग 300 कट्टर नक्सलियों की सूची तैयार की गई है, जो इस समय सुरक्षाबलों के रडार पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि रेड्डी के ओडिशा में छिपे होने की संभावना है, जबकि अन्य कमांडर बस्तर क्षेत्र के आसपास ही सक्रिय हैं।
मंगलवार से शुरू हुआ यह विशेष अभियान अब छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमाओं तक फैल गया है। खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षाबल उन दुर्गम इलाकों में पहुंच रहे हैं जहाँ पहले पहुंचना मुश्किल माना जाता था। सुरक्षाबलों का उद्देश्य नक्सलियों की सप्लाई लाइन को काटना और उनके सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब तक शीर्ष नेतृत्व और सक्रिय कैडर का सफाया नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान इसी तीव्रता के साथ जारी रहेगा। बीजापुर की यह मुठभेड़ इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिसने नक्सलियों के मनोबल को तगड़ा झटका दिया है।
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