Bijapur Naxal Attack
Bijapur Naxal Attack: छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। रविवार सुबह जब डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के जांबाज जवान नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान पर निकले थे, तभी कर्रेगुट्टा पहाड़ी के पास नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक शक्तिशाली आईईडी (IED) में विस्फोट हो गया। इस अचानक हुए धमाके की चपेट में आने से तीन सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह इलाका अत्यंत दुर्गम और घने जंगलों से घिरा हुआ है, जिसका फायदा उठाकर नक्सली अक्सर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं।
बस्तर के जंगलों में नक्सली सुरक्षाबलों की आवाजाही को रोकने और उन्हें नुकसान पहुँचाने के लिए कच्ची सड़कों और पगडंडियों के नीचे ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (IED) का जाल बिछाते हैं।
ये विस्फोटक इतने घातक होते हैं कि मामूली दबाव पड़ते ही इनमें जोरदार धमाका होता है। रविवार की घटना में भी जवान जब सर्चिंग के दौरान कर्रेगुट्टा पहाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी जमीन के नीचे छिपाया गया विस्फोटक सक्रिय हो गया। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नक्सली अब लो-मेटल आईईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें मेटल डिटेक्टर से पकड़ना बेहद कठिन होता है।
विस्फोट में घायल हुए तीन जवानों में से दो बीजापुर डीआरजी के सदस्य हैं, जबकि एक जवान दंतेवाड़ा डीआरजी का हिस्सा है। धमाके के तुरंत बाद बैकअप टीम मौके पर पहुँची और घायल साथियों को जंगल से बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जवानों को गंभीर चोटें आई हैं। घटनास्थल पर मौजूद अन्य जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और नक्सलियों की संभावित घेराबंदी को नाकाम किया।
घायल जवानों को जंगल से रेस्क्यू करने के बाद सबसे पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। हालांकि, चोटों की गंभीरता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए, प्रशासन ने उन्हें तुरंत राज्य की राजधानी रायपुर रेफर करने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि जवानों को एयरलिफ्ट कर रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। राज्य सरकार और पुलिस विभाग घायल जवानों के परिवारों के संपर्क में है और उनके सर्वोत्तम इलाज का आश्वासन दिया गया है।
इस कायराना हमले के बाद पूरे बीजापुर और सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल और सीआरपीएफ (CRPF) की कंपनियों को कर्रेगुट्टा पहाड़ी के आसपास के इलाकों में भेजा गया है ताकि हमलावर नक्सलियों की तलाश की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के बावजूद नक्सलियों के खिलाफ अभियान धीमा नहीं होगा, बल्कि सुरक्षाबल अब और अधिक सतर्कता के साथ अंदरूनी इलाकों में पैठ बनाएंगे। ड्रोन कैमरों और आधुनिक उपकरणों की मदद से संभावित नक्सली ठिकानों की निगरानी की जा रही है।
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