Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में कड़ार-सेवार मुख्य मार्ग पिछले कई वर्षों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। मानसून की दस्तक के साथ ही इस सड़क की स्थिति और भी भयावह हो गई है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भरने से यह सड़क किसी तालाब जैसी नजर आने लगी है। इस मार्ग से बिलासपुर से बलौदाबाजार तक का आवागमन होता है, लेकिन खस्ताहाल सड़क के कारण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं है।

अनोखा प्रदर्शन: गड्ढों में मछली पकड़ने उतरे कांग्रेसी
सड़क की इस बदहाली से तंग आकर क्षेत्र के ग्रामीणों और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का एक अनोखा और प्रतीकात्मक तरीका अपनाया। प्रदर्शनकारी हाथ में जाल लेकर सड़क पर बने गड्ढों में उतर गए और मछली पकड़ने का नाटक करते हुए सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। बीच सड़क पर कांग्रेसियों के इस मछली पकड़ने वाले प्रदर्शन को देखकर वहां से गुजरने वाले राहगीरों की भीड़ जुट गई। यह विरोध प्रदर्शन न केवल स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना, बल्कि सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है।

“आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला”
प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने तीखे तेवर अपनाते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग हजारों लोगों की जीवनरेखा है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह सड़क जर्जर अवस्था में पड़ी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे बीते कई सालों से विधायक और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से सड़क के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं। हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिलते हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में गिरकर स्कूली बच्चे और बुजुर्ग रोजाना चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कुंभकर्णी नींद सो रहा है।

प्रशासनिक दखल और आगे की कार्रवाई
सड़क के बीचों-बीच चल रहे इस अनोखे प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुंचे बोदरी तहसीलदार संदीप साय ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि सड़क की मरम्मत संबंधी ज्ञापन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और ज्ञापन प्राप्त होने के बाद उच्च अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जाएगा ताकि मरम्मत कार्य जल्द शुरू हो सके।
समाधान की उम्मीद में ग्रामीण
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने यह संदेश दिया है कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है। सड़क की बदहाली के कारण क्षेत्र का विकास और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने भले ही जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया हो, लेकिन जनता अब केवल शब्दों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। यह देखना बाकी है कि शासन-प्रशासन कब तक इस मुख्य मार्ग की सुध लेता है और कब लोगों को इस जानलेवा सफर से निजात मिलती है।
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